UP Budget Session: राज्यपाल के अभिभाषण के साथ आज से शुरू होगा यूपी विधानमंडल का सत्र, सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

Edited By Mamta Yadav,Updated: 23 May, 2022 10:21 AM

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उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सत्र आज यानि सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा, जिसमें वित्त वर्ष 2022-2023 का बजट भी पेश किया जाएगा। राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) महंगाई और कानून-व्यवस्था के मामलों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सत्र आज यानि सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा, जिसमें वित्त वर्ष 2022-2023 का बजट भी पेश किया जाएगा। राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) महंगाई और कानून-व्यवस्था के मामलों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लगातार निशाना साध रही है, ऐसे में इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि सदन में भी विपक्ष इन मुद्दों को लेकर हंगामा कर सकता है।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सत्र 23 मई यानी सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होगा और इसी सत्र में वित्त वर्ष 2022-2023 का आय व्ययक (बजट) पेश किया जाएगा। विधानसभा के विशेष सचिव बृज भूषण दुबे ने शनिवार को इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी की। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दूसरी बार गठित भाजपा सरकार का उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा में पहला सत्र 23 मई से शुरू होगा। मंत्रिपरिषद ने विधानमंडल सत्र के संचालन के लिए मंगलवार को मंजूरी दी थी। सपा ने राज्य में अपराध में वृद्धि का आरोप लगाते हुए भाजपा को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को अपनी पार्टी का एक ट्वीट पुन: ट्वीट किया।

ट्वीट में पुलिस का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा गया है, ‘‘भाजपा शासित सरकार में पुलिस की सरकारी गुंडई का वीडियो आपके सामने हैं। क्या पुलिस किसी को कभी भी फर्जी मुकदमे में नाप सकती है? जी हां, ये कारनामा और ये असीमित अधिकार, उत्तर प्रदेश पुलिस को सिर्फ योगी जी द्वारा दिए गए हैं, (यह) वही पुलिस (है), जिसकी घिग्घी भाजपा नेताओं पर कार्रवाई करते बंध जाती है।'' यादव ने शनिवार को जारी एक बयान में भी कहा, ‘‘भाजपा सरकार का जनहित और जनसमस्याओं से कुछ लेना-देना नहीं है। विकास की अनदेखी और गांव-गरीब के प्रति घोर उपेक्षाभाव के चलते प्रदेश आज अनेक समस्याओं से जूझ रहा है।''

उधर, यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को शुरू हो रहे 18वीं विधानसभा के पहले सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी दलों से सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया है। महाना ने रविवार को विधान भवन में हुई सर्वदलीय बैठक में कहा कि सदन की कार्यवाही के निर्बाध संचालन के लिए सभी दलों के सहयोग का आश्वासन मिलने से सदन में सकारात्मक वातावरण बनेगा। साथ ही, विधानसभा सत्र के संचालन के दौरान अधिक से अधिक सदस्यों, विशेष रूप से नए सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा के इस नए सत्र में ई-विधान लागू गया है और इस बार विधानसभा सत्र की कार्यवाही का सजीव प्रसारण डीडी न्यूज के साथ-साथ यूट्यूब पर भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सत्र के सुचारू संचालन में सत्ता पक्ष के पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि सदन की उच्च गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए गम्भीर चर्चा को आगे बढ़ाने से लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था बढ़ती है। उन्होंने कहा कि 18वीं विधानसभा का प्रथम सत्र 23 मई को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। इस सत्र में वर्ष 2022-23 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने बड़े विश्वास के साथ सदस्यों को देश की सबसे बड़ी विधानसभा में चुनकर भेजा है। प्रदेश की 25 करोड़ जनता ने 403 सदस्यों पर विश्वास व्यक्त किया है और सदस्यों को जनता के विश्वास पर खरा उतरना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में होने वाले आचार-विचार और व्यवहार का अनुकरण देश की विभिन्न विधानसभाओं में भी उसी प्रकार के आचार-विचार की अपेक्षा के साथ किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में सकारात्मक माहौल में चर्चा होनी चाहिए और प्रदेश की विधानसभा के लिए निर्वाचित सदस्यों के व्यावहारिक ज्ञान का लाभ सदन के अलावा जनता को भी मिले, इस प्रकार की कार्यवाही होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही निर्बाध रूप से संचालित होनी चाहिए और सदन के सदस्य स्वयं के प्रश्न एवं अनुपूरक प्रश्न पूछने के साथ ही, अन्य सदस्यों को भी प्रश्न पूछने का मौका दें, जिससे प्रश्नकाल की गरिमा बढ़ेगी। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि पक्ष एवं विपक्ष के सहयोग से ही सदन को सुचारू रूप से चलाया जा सकता है और सभी दलों ने सदन की कार्यवाही के निर्बाध संचालन में सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया जो एक अच्छी परम्परा है। बैठक में समाजवादी पार्टी के इन्द्रजीत सरोज, अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा, बहुजन समाज पार्टी के उमाशंकर सिंह तथा कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना‘, राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह बालियान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जगदीश नरायण, निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल के अनिल कुमार त्रिपाठी, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह ने शिरकत की और सभी ने अपने-अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

 

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