Edited By Pooja Gill,Updated: 05 Jan, 2026 08:58 AM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सुद्दढ़ करने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण एवं तकनीकी...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सुद्दढ़ करने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण एवं तकनीकी पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस पहल से करीब 1200 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा, वहीं प्रदेश की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
जल्द जारी होगा विज्ञापन
चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य के 1112 पदों, आचार्य के 44 पदों तथा प्रवक्ता (फार्मेसी) के 11 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही भर्ती से संबंधित विज्ञापन जारी किया जाएगा, ताकि चयन प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी हो सके।
'योग्य शिक्षकों की उपलब्धता से छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा'
सरकार का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता से छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगी। पिछले लगभग नौ वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है और अब उनका सुचारु संचालन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
नर्सिंग कैडर को मजबूत करेंगी योगी सरकार
इसके साथ ही योगी सरकार नर्सिंग कैडर को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम उठा रही है। लोक सेवा आयोग से चयनित 1230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला एवं पुरुष) को इस वर्ष नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इससे सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को बेहतर, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।