बुलडोजर आने से पहले आधी रात चला हथौड़ा! संभल में मुस्लिम समुदाय ने खुद ढहाई अवैध मस्जिद, सुबह प्रशासन पहुंचा तो मिला सिर्फ मलबा

Edited By Anil Kapoor,Updated: 04 Jan, 2026 10:47 AM

muslim community themselves demolished illegal mosque before bulldozers arrived

Sambhal News: उत्तर प्रदेश में संभल जिले के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में 4 जनवरी 2026 को प्रशासन की ओर से अवैध मस्जिद पर बुलडोजर चलाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही मस्जिद कमेटी ने खुद ही ढांचा गिराना शुरू कर दिया। बीती रात 12 बजे के बाद...

Sambhal News: उत्तर प्रदेश में संभल जिले के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में 4 जनवरी 2026 को प्रशासन की ओर से अवैध मस्जिद पर बुलडोजर चलाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही मस्जिद कमेटी ने खुद ही ढांचा गिराना शुरू कर दिया। बीती रात 12 बजे के बाद मदीना मस्जिद को तोड़ने का काम शुरू हुआ और सुबह होने तक पूरी मस्जिद मलबे में तब्दील हो चुकी थी। प्रशासन की टीम सुबह 10 बजे मौके पर पहुंचने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही कार्रवाई पूरी कर ली गई। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 31 राजस्व अधिकारियों की टीम और भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी, लेकिन उन्हें बुलडोजर चलाने की जरूरत ही नहीं पड़ी।

आधी रात में चला हथौड़ा, खुद हटाया अवैध निर्माण
प्रशासन ने पहले ही 4 जनवरी को अवैध कब्जा हटाने की तारीख तय कर दी थी। कार्रवाई की आशंका के चलते मस्जिद कमेटी और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग खुद आगे आए और हथौड़े लेकर मस्जिद गिराने लगे। आधी रात से शुरू हुआ यह काम सुबह तक पूरा हो गया। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अगर लोग खुद सरकारी जमीन से कब्जा हटा रहे हैं तो यह एक सकारात्मक कदम है और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बनी रहती है।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का था मामला
यह मामला एचौड़ा कंबोह थाना क्षेत्र से जुड़ा है। प्रशासन के अनुसार, मस्जिद के मुतवल्ली हाजी शमीम पर 439 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद बनाने का आरोप था। इस संबंध में 14 जून 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में वर्षों तक इस मामले की सुनवाई चली। सभी साक्ष्यों की जांच के बाद अदालत ने जमीन को सरकारी घोषित किया और अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया।

बुलडोजर, पुलिस और PAC थी तैनात
प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। मौके पर कई थानों की पुलिस, पीएसी (PAC) और आरआरएफ (RRF) की कंपनी, लेखपाल और कानूनगो मौजूद थे। तीन बुलडोजर भी तैयार रखे गए थे। तहसीलदार का कहना है कि प्रशासन की सख्ती और कानूनी कार्रवाई के चलते ही अवैध कब्जाधारियों के हौसले टूट गए और उन्होंने बुलडोजर चलने से पहले ही खुद ढांचा गिरा दिया।

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