Edited By Purnima Singh,Updated: 28 Jan, 2026 01:34 PM

यूजीसी नियमों में बदलाव और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ इस्तीफा देकर योगी सरकार को चुनौती देने वाले पीसीएस अफसर (निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट) अलंकार अग्निहोत्री को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। बरेली के एडीएम...
बरेली (जावेद खान) : यूजीसी नियमों में बदलाव और प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ इस्तीफा देकर योगी सरकार को चुनौती देने वाले पीसीएस अफसर (निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट) अलंकार अग्निहोत्री को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। बरेली के एडीएम कंपाउंड स्थित उनके आवास को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अलंकार ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके ही घर में 'कैदी' बना दिया गया है और उनकी जान को खतरा है।
मीडिया से बातचीत में लगाए बेहद गंभीर आरोप
अपने आवास के बंद गेट के पीछे से मीडिया से बात करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "प्रशासनिक तंत्र के अंदर मौजूद कुछ सवर्ण और ब्राह्मण अधिकारियों ने मुझे अलर्ट किया है कि रात 3 बजे या उसके बाद मुझे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा सकता है। मेरे फोन और मेरे समर्थकों के नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं। यहां तक कि जैमर लगाकर मेरी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।"
'उत्तर प्रदेश में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह विफल'
अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है। उन्होंने कहा, "मुझे यहां मिनी जेल में रखा गया है। मेरा फ्रीडम ऑफ मूवमेंट (आर्टिकल 19) और राइट टू लाइफ (आर्टिकल 21) बाधित किया गया है। अगर मैं अनरिचेबल हो जाऊं, तो समझ लेना कि कुछ अनहोनी हो गई है। मैंने सुप्रीम कोर्ट के सीनियर लॉयर्स और हाई कोर्ट के जजों को एक्टिवेट कर दिया है, वे मेरी सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं। "
"दिनेश शर्मा ब्राह्मणों पर जुल्म पर क्यों चुप रहे?"
पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा द्वारा इसे 'सियासी साजिश' बताने पर अलंकार अग्निहोत्री ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं उन पर कमेंट नहीं करना चाहता, लेकिन पूरा देश देख रहा है। वह बताएं कि ब्राह्मणों पर हुए अत्याचार पर उन्होंने कब आवाज उठाई? उनके वीडियो पर आ रहे कमेंट्स ही बता रहे हैं कि ब्राह्मण समाज उनके बारे में क्या सोचता है।"
'संवैधानिक मर्यादाएं तार-तार हो रहीं'
अग्निहोत्री ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति से दखल की मांग की है। उनका तर्क है कि उत्तर प्रदेश में राज्यपाल से रिपोर्ट मंगवाकर तत्काल सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सामान्य वर्ग अब मानसिक रूप से सरकार से अपना मोहभंग कर चुका है और संवैधानिक मर्यादाएं तार-तार हो रही हैं।