Edited By Anil Kapoor,Updated: 25 Jan, 2026 10:11 AM

Santkabirnagar News: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक युवक ने भाजपा विधायक अंकुर राज तिवारी और उनके सहयोगियों पर जमीन विवाद में अपहरण और बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि मारपीट के...
Santkabirnagar News: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां एक युवक ने भाजपा विधायक अंकुर राज तिवारी और उनके सहयोगियों पर जमीन विवाद में अपहरण और बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि मारपीट के दौरान उसके ऊपर पेशाब भी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीओ सदर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
घायल हालत में थाने पहुंचा पीड़ित
यह मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के देवरिया गंगा गांव का है। गांव निवासी चंद्रशेखर घायल अवस्था में दर्जनभर ग्रामीणों के साथ सदर कोतवाली पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत (तहरीर) दी।
शिकायत में क्या कहा गया?
पीड़ित चंद्रशेखर ने अपनी शिकायत में बताया कि 20 जनवरी की रात कुछ युवक उसे जबरन उठाकर एक ईंट-भट्ठे पर ले गए, जो गोरखपुर क्षेत्र में स्थित है। उसका आरोप है कि सभी आरोपी सदर विधायक के समर्थक हैं, ईंट-भट्ठे पर ले जाकर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई, विधायक के इशारे पर उसके ऊपर पेशाब भी की गई।
लौटते समय किया गया अपहरण
पीड़ित ने बताया कि वह एक दोस्त के घर दावत खाकर लौट रहा था। उसी दौरान आरोपियों ने उसका पीछा किया, उसकी गाड़ी में टक्कर मारी और जबरन उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए।
पुलिस का बयान
इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ मारपीट का प्रतीत हो रहा है। शिकायत में विधायक का नाम भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि “सीओ सदर को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
विधायक ने आरोपों को बताया साजिश
वहीं इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि “यह सब विपक्षियों की साजिश है। मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस निष्पक्ष जांच करे, जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीओ सदर पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।