MBBS में एडमिशन के लिए युवक ने खुद ही काट लिया पैर... दिव्यांग कोटे से लेना चाहता था प्रवेश, गर्लफ्रेंड ने खोल दी पोल!

Edited By Ramkesh,Updated: 23 Jan, 2026 03:33 PM

a young man cut off his own leg to get admission in mbbs he wanted to get adm

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। दरअसल, एक छात्र ने नीट परीक्षा के जरिए एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए इतनी खौफनाक शाजिस रची जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि...

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। दरअसल, एक छात्र ने नीट परीक्षा के जरिए एमबीबीएस में प्रवेश लेने के लिए इतनी खौफनाक शाजिस रची जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि जौनपुर में नीट अभ्यर्थी सूरज भास्कर ने दिव्यांग कोटा हासिल करने के लिए खुद ही अपना पैर काट लिया और फिर मारपीट की झूठी कहानी गढ़ दी। पुलिस जांच में इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है।

ग्राइंडर से पैर का पंजा काटा 
पुलिस के मुताबिक सूरज भास्कर 2026 में किसी भी हाल में एमबीबीएस में प्रवेश लेना चाहता था। दिव्यांग कोटे का लाभ उठाने के लिए उसने खुद को दिव्यांग बनाने की साजिश रची। उसने एनेस्थीसिया के इंजेक्शन लगाकर दर्द को कम किया और फिर ग्राइंडर से अपने पैर का पंजा काट लिया। इसके बाद उसने दावा किया कि रात में अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट की और सुबह उठने पर उसका पंजा कटा हुआ मिला।

अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर 
सूरज के बयान पर पुलिस ने शुरुआत में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन पूछताछ के दौरान सूरज बार-बार अपने बयान बदलता रहा, जिससे पुलिस को शक हुआ। सर्विलांस के जरिए कॉल डिटेल खंगाली गई तो कई अहम सुराग हाथ लगे।

दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश की
जांच में सामने आया कि सूरज की एक प्रेमिका है और वह उससे शादी करना चाहता है। प्रेमिका ने पुलिस को बताया कि सूरज किसी भी कीमत पर 2026 में एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहता था। यह भी सामने आया कि अक्टूबर में सूरज वाराणसी स्थित बीएचयू गया था, जहां उसने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिश की थी, लेकिन दिव्यांग न होने के कारण उसका सर्टिफिकेट नहीं बन सका।

जांच में मारपीट की नहीं हुई पुष्टि 
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिस समय मारपीट की बात कही जा रही थी, उस दौरान मोबाइल टावर डेटा में किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी नहीं मिली। अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से भी मारपीट की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने घटनास्थल के पास खेत से एनेस्थीसिया से जुड़े इंजेक्शन भी बरामद किए हैं।

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बयान दर्ज कराएगी पुलिस
पुलिस के अनुसार, सूरज ने खुद इंजेक्शन लगाया और फिर ग्राइंडर से पैर का पंजा काट दिया। प्रारंभिक इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। पुलिस का कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सूरज का विस्तृत बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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