Edited By Purnima Singh,Updated: 22 Jan, 2026 05:55 PM

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पूंजीपतियों का बढ़ता प्रभाव समाजवादी आदर्शों के लिए एक ‘‘गंभीर चुनौती'' है।...
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि पूंजीपतियों का बढ़ता प्रभाव समाजवादी आदर्शों के लिए एक ‘‘गंभीर चुनौती'' है। उन्होंने कहा कि पूंजीवाद ने मीडिया पर नियंत्रण जमा लिया है और पत्रकारों से अपील की कि वे किसी का भी “एजेंडा” न चलाएं। यादव, समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि के अवसर पर यहां जनेश्वर मिश्र पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।
जनेश्वर मिश्र को “समाजवाद का विचारक” कहा जाता है - अखिलेश
यादव ने कहा, “जब पूंजीपति हावी होते हैं, तो हम समाजवादियों के लिए यह चिंता का विषय बन जाता कि समाजवादी आंदोलन कैसे आगे बढ़ेगा और हम जनेश्वर मिश्र जी, नेताजी (मुलायम सिंह यादव), बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर और राम मनोहर लोहिया के आदर्शों को कैसे कायम रखेंगे।” उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी लोग मिश्र को इसलिए याद करते हैं क्योंकि उन्होंने आंदोलन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। उन्होंने कहा, “हम उस आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं जो जनेश्वर मिश्र जी ने हम सभी को सौंपा था।” जनेश्वर मिश्र को “समाजवाद का विचारक” कहा जाता है और उन्हें उत्तर प्रदेश में समाजवादी राजनीति तथा जमीनी आंदोलनों के प्रति आजीवन समर्पण के लिए याद किया जाता है।
'नोएडा में इंजीनियर की मौत सरकार की लापरवाही से हुई'
नोएडा में हाल में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े सवाल पर यादव ने कहा, “मुद्दा यह नहीं है कि इंजीनियर पहले किसी पार्टी में गया था, बल्कि यह है कि घटना के बाद सरकार और उसके विभाग उसकी जान बचाने में क्यों नाकाम रहे।'' एक संवाददाता के इस दावे कि मेहता गुरुग्राम में कथित तौर पर एक पार्टी में गए थे और दुर्घटना से पहले शराब के नशे में थे, इस पर यादव ने कहा कि असली सवाल यह है कि दुर्घटना के बाद क्या हुआ और अधिकारी मौके पर पहुंचने के बावजूद उन्हें क्यों नहीं बचा पाए। यादव ने कहा, ‘‘ऐसा सुनने में आ रहा है कि पानी बहुत ठंडा होने के कारण कोई भी उनकी जान बचाने के लिए आगे नहीं आया। अगर उनकी जान गई, तो यह सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ।''