Edited By Mamta Yadav,Updated: 30 Aug, 2025 10:47 PM

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रुधौली विधानसभा सीट से सपा विधायक राजेंद्र चौधरी ने बीते 28 अगस्त को हुए एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए डीआईजी बस्ती से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की...
Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रुधौली विधानसभा सीट से सपा विधायक राजेंद्र चौधरी ने बीते 28 अगस्त को हुए एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए डीआईजी बस्ती से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

क्या था मामला?
पुलिस ने 28 अगस्त को एक युवक जलालुद्दीन का एनकाउंटर किया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। पुलिस का दावा है कि उस पर एक किशोरी का हाथ पकड़ने का आरोप था। वहीं, परिजनों और स्थानीय विधायक का आरोप है कि यह फर्जी मुठभेड़ है। विधायक का कहना है कि जलालुद्दीन मानसिक रूप से कमजोर और अर्धविक्षिप्त है। वह 10 और 20 रुपये के नोट तक नहीं पहचान सकता, उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं था।
परिजनों का पक्ष
परिजनों ने डीआईजी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 27 अगस्त को जलालुद्दीन बकरी चराने खेत में गया था, जहां गांव के जयराम और विक्रम नाम के युवकों ने उसके साथ मारपीट की। शाम को पुलिस घर पहुंची और उसे थाने बुलाया। रात 12 बजे तक परिजन थाने में मौजूद रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से गालियां देकर भगा दिया। सुबह उन्हें सूचना मिली कि जलालुद्दीन का एनकाउंटर हो गया है और उसे गोली लगी है।
विधायक ने उठाए सवाल
विधायक राजेंद्र चौधरी ने कहा, "जिस युवक का एनकाउंटर किया गया, वह मानसिक रूप से मंद है। उसे असलहा चलाना तो दूर, पहचानना भी नहीं आता। अगर बच्ची के साथ कुछ गलत किया है, तो कानून के अनुसार सज़ा मिलनी चाहिए। लेकिन अगर वह दोषी नहीं, सिर्फ मानसिक रूप से बीमार है, तो एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठते हैं।" विधायक ने मांग की कि एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।