Edited By Anil Kapoor,Updated: 30 Aug, 2025 07:11 AM

Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां 2 महिलाओं ने एक ही व्यक्ति को अपना पति बताया है और दोनों ने अलग-अलग जगहों से उसके मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिए हैं। यह मामला अब सरकारी नौकरी और मृतक आश्रित लाभ...
Hapur News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां 2 महिलाओं ने एक ही व्यक्ति को अपना पति बताया है और दोनों ने अलग-अलग जगहों से उसके मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिए हैं। यह मामला अब सरकारी नौकरी और मृतक आश्रित लाभ पाने के लिए की गई कथित धोखाधड़ी की तरफ इशारा कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला असल में उत्तराखंड के चमोली जिले से जुड़ा हुआ है। जोशीमठ में रहने वाली महिला चंद्रकला वर्मा ने हापुड़ पुलिस को शिकायत दी है कि उनके पति अरुण कुमार वर्मा का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र हापुड़ नगर पालिका से बनवाया गया है। जबकि असली मृत्यु प्रमाण पत्र उत्तराखंड सरकार द्वारा 19 जून 2024 को जारी किया गया था। चंद्रकला वर्मा का कहना है कि उनके पति अरुण वर्मा, बुलंदशहर जिले के स्याना के रहने वाले थे और उत्तराखंड के गोपेश्वर जिला अस्पताल में वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी के पद पर काम कर रहे थे। 1 जून 2024 को ड्यूटी के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया।पोस्टमार्टम के बाद 19 जून को उत्तराखंड प्रशासन ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया।
नौकरी के लिए दूसरी महिला ने कर दिया दावा
चंद्रकला ने बताया कि जब उन्होंने अपने पति की ग्रेच्युटी और मृतक आश्रित नौकरी के लिए स्वास्थ्य विभाग में आवेदन किया, तभी उन्हें पता चला कि हापुड़ में रहने वाली एक महिला मीनू वर्मा ने भी खुद को मृतक की पत्नी बताया है। मीनू वर्मा ने हापुड़ नगर पालिका से दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर, सरकारी नौकरी पाने के लिए आवेदन कर दिया है।
चंद्रकला का आरोप – फर्जी दस्तावेज बनाकर की गई धोखाधड़ी
चंद्रकला वर्मा का आरोप है कि मीनू वर्मा ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी लाभ लेने की साजिश रची है। उन्होंने हापुड़ के एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह से मिलकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और फर्जी प्रमाण पत्र को रद्द करने तथा आरोपी महिला पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
क्या कह रही है पुलिस और प्रशासन?
इस मामले में हापुड़ के अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि एक ही व्यक्ति के नाम से दो अलग-अलग स्थानों से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की शिकायत मिली है। उत्तराखंड की महिला (चंद्रकला) ने कहा है कि उनके पति का असली प्रमाण पत्र उत्तराखंड में जारी हुआ था, जबकि हापुड़ से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि असली पत्नी कौन है, और किसने फर्जी दस्तावेज बनवाए। हापुड़ नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संजय मिश्रा का कहना है कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। जैसे ही शिकायत आएगी, जांच की जाएगी कि मृत्यु प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी किया गया।
जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। यह मामला ना केवल पारिवारिक विवाद को दर्शाता है, बल्कि सरकारी दस्तावेजों में की जा रही धांधली और फर्जीवाड़े को भी सामने लाता है। आने वाले दिनों में जांच के बाद सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।