गोरखपुर से मुंबई निकले युवक की लाश देवरिया मेडिकल कॉलेज की टंकी से बरामद, मौत की गुत्थी में आया बड़ा सनसनीखेज मोड़!

Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 Oct, 2025 02:58 PM

the body of a youth was recovered from the tank of deoria medical college

Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की 5वीं मंजिल पर लगी पानी टंकी में एक शव मिलने से सनसनी फैल गई। पहचान में यह शव अशोक गावंडे नाम के केमिकल इंजीनियर का निकला। लेकिन इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल ये...

Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की 5वीं मंजिल पर लगी पानी टंकी में एक शव मिलने से सनसनी फैल गई। पहचान में यह शव अशोक गावंडे नाम के केमिकल इंजीनियर का निकला। लेकिन इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल ये है कि जो व्यक्ति गोरखपुर से मुंबई जाने के लिए निकला था, वह देवरिया कैसे पहुंचा? उसकी मौत कैसे हुई और शव पानी की टंकी में कैसे पहुंचा?

गोरखपुर से मुंबई जाने का था इरादा, अचानक देवरिया में शव मिला
अशोक गावंडे के साले प्रफुल्ल नागर ने बताया कि 22 सितंबर की रात अशोक उनके घर गोरखपुर आए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें मुंबई जाना है और किराए के लिए 1200 रुपए मांगे। पैसे देने के बाद अशोक ऑटो पकड़कर रेलवे स्टेशन के लिए निकले। सभी को लगा कि वह मुंबई के लिए रवाना हो गए, लेकिन उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वह देवरिया पहुंच जाएंगे।

बंद फैक्ट्री, डिप्रेशन और टूटी जिंदगी
अशोक गावंडे कभी एक सफल केमिकल इंजीनियर थे। उन्होंने कई कंपनियों में काम किया और बाद में अपनी फैक्ट्री शुरू की। लेकिन फैक्ट्री बंद होने के बाद उनकी जिंदगी मुश्किलों में घिर गई। आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के कारण वे डिप्रेशन में चले गए। उनके साले के अनुसार, उनकी तबीयत भी खराब रहने लगी थी। अशोक का इलाज ठाणे में चल रहा था। वह अक्सर अपनी फैक्ट्री को दोबारा शुरू करने की बात करते थे, लेकिन हालात साथ नहीं दे रहे थे। उनके और उनकी पत्नी अनीता गावंडे के रिश्ते भी ठीक नहीं थे, दोनों अलग रहते थे। जब पुलिस ने देवरिया में शव मिलने की खबर दी तो अनीता ने कहा कि उन्हें पता चला है कि अशोक वहां कैसे पहुंचे, यह उन्हें भी नहीं पता।

देवरिया में अस्पताल में भर्ती होने का रिकॉर्ड, फिर अचानक मौत
एक और रहस्य यह भी है कि 25 सितंबर को देवरिया के एक युवक ने बताया कि उसने सुबह वॉक के दौरान एक बीमार व्यक्ति को सड़क किनारे देखा था, जो चल नहीं पा रहा था। उसने 108 पर कॉल कर उस व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उस व्यक्ति का नाम भी अशोक था। इसका मतलब है कि 25 सितंबर को वह देवरिया में जिंदा थे, लेकिन 6 अक्टूबर को उनका शव पानी टंकी में मिला। अब यह सवाल उठता है कि इन 11 दिनों में आखिर क्या हुआ? वह अस्पताल से कैसे बाहर निकले और फिर पानी टंकी में शव कैसे पहुंचा?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, मौत की असली वजह अभी नहीं लगी पता
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चल पाएगा कि यह कोई दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या हत्या। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए यह केस एक पहेली बन गया है। एक इंजीनियर, जो अपनी फैक्ट्री को दोबारा शुरू करने का सपना देखता था, उसकी मौत कैसे हुई और वह मुंबई जाने के रास्ते से देवरिया कैसे पहुंचा, यह सवाल अभी अनसुलझे हैं। अशोक गावंडे की मौत की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही इस मामले का सच सामने लाने की कोशिश कर रही है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!