Edited By Anil Kapoor,Updated: 01 Mar, 2026 09:48 AM

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के आलियाबाद प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षामित्र और बीएलओ (BLO) अखिलेश कुमार (50) ने स्कूल के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या....
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के आलियाबाद प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षामित्र और बीएलओ (BLO) अखिलेश कुमार (50) ने स्कूल के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस आत्मघाती कदम के पीछे चुनावी ड्यूटी (SIR) का दबाव और बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलना मुख्य कारण बताया जा रहा है।
सुसाइड नोट में छलका दर्द
अखिलेश कुमार की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसकी शुरुआत में उन्होंने एसआईआर 2026: जीवन मुक्ति लिखा है। नोट में उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार काम के भारी दबाव को बताया है। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा कि मैं एसआईआर के काम से परेशान हो गया हूं। मेरे मरने के बाद चुनाव आयोग मेरे परिवार की जिम्मेदारी उठाए। अब मुझे इस काम से मुक्ति मिल जाएगी। नोट में एसडीएम बिंदकी और बीईओ (BEO) का भी जिक्र किया गया है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
8 मार्च को थी बेटी की शादी, नहीं मिली छुट्टी
परिजनों के अनुसार, अखिलेश की बेटी दिव्यांशी की शादी 8 मार्च को होनी तय है। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अखिलेश चुनावी ड्यूटी और काम के बोझ के कारण लगातार मानसिक तनाव में थे। वह अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए अधिकारियों से छुट्टी की गुहार लगा रहे थे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
परिजनों का फूटा गुस्सा, शव को अस्पताल से ले आए घर
शनिवार शाम करीब 4 बजे जब स्कूल में शव लटका मिला, तो हड़कंप मच गया। परिजन उन्हें तत्काल बिंदकी सीएचसी (CHC) ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब पुलिस (डीएसपी गौरव शर्मा के नेतृत्व में) शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने विरोध किया और जबरन शव को अस्पताल से उठाकर वापस गांव ले आए।
प्रशासनिक अमले में हड़कंप
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीएम सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुसाइड नोट के आधार पर अधिकारियों की भूमिका की तफ्तीश की जा रही है। अखिलेश अपने पीछे पत्नी मंजू देवी, बेटी दिव्यांशी और बेटा दिव्यांश को छोड़ गए हैं।