गाजीपुर में तड़पती रही मरीज, रील देखने में डूबा रहा अस्पताल स्टाफ; सफाईकर्मी से कराया इलाज तो हुई मौत

Edited By Anil Kapoor,Updated: 06 Mar, 2026 12:33 PM

ghazipur patient writhes in agony hospital staff engrossed in watching reels

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। जहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात मेडिकल स्टाफ की संवेदनहीनता ने एक महिला की जान ले ली। आरोप है कि जब मरीज दर्द से कराह रही थी और परिजन....

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। जहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात मेडिकल स्टाफ की संवेदनहीनता ने एक महिला की जान ले ली। आरोप है कि जब मरीज दर्द से कराह रही थी और परिजन मदद के लिए गुहार लगा रहे थे, तब अस्पताल का स्टाफ मोबाइल पर रील (Reels) देखने में व्यस्त था। मामले के तूल पकड़ने पर प्रशासन ने दो नर्सों और एक वार्ड बॉय को सस्पेंड कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
मनिहारी ब्लॉक के खंडवाड़ीह गांव की रहने वाली उषा देवी को गुरुवार सुबह सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज) लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया। असली लापरवाही वार्ड में शिफ्ट होने के बाद शुरू हुई।

परिजन गिड़गिड़ाते रहे, स्टाफ मोबाइल में खोया रहा
वार्ड में पहुंचने के बाद उषा देवी की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें यूरिन पास करने में दिक्कत और पेट फूलने की समस्या होने लगी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने वार्ड में मौजूद स्टाफ से बार-बार मां को देखने की मिन्नतें कीं, लेकिन रील देखने में मशगूल कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। पीड़ित परिजनों का कहना है कि हम चिल्लाते रहे कि मां को देख लो, लेकिन वो मोबाइल से नजरें हटाने को तैयार नहीं थे। 2-3 घंटे तक किसी ने सुध नहीं ली। 

सफाईकर्मी से कराया इलाज, हो गई मौत
हैरानी की बात यह है कि जब परिजनों ने बहुत ज्यादा दबाव बनाया, तो स्टाफ ने खुद उठने के बजाय एक महिला सफाईकर्मी को कैथेटर लगाने का काम सौंप दिया। जब सफाईकर्मी यह प्रक्रिया कर रही थी, तभी लापरवाही और देरी के कारण उषा देवी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से लिखित शिकायत की।

प्रशासन की कार्रवाई- 3 कर्मचारी निलंबित
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लिया है। परिजनों की शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर दो स्टाफ नर्स और एक वार्ड बॉय को सस्पेंड कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। इमरजेंसी में तैनात डॉ. कृष्ण मोहन ने भी स्वीकार किया कि वार्ड में शिफ्ट होने के बाद स्टाफ के स्तर पर बड़ी लापरवाही हुई है।

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