Edited By Anil Kapoor,Updated: 06 Mar, 2026 10:06 AM

UP Politics News: उत्तर प्रदेश में चुनाव नियमों की अनदेखी करने वाले 6 प्रत्याशियों को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा झटका दिया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनावी खर्च का ब्योरा जमा ना करने पर आयोग ने इन सभी को अगले 3 साल के लिए अयोग्य....
UP Politics News: उत्तर प्रदेश में चुनाव नियमों की अनदेखी करने वाले 6 प्रत्याशियों को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा झटका दिया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनावी खर्च का ब्योरा जमा ना करने पर आयोग ने इन सभी को अगले 3 साल के लिए अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया है। अब ये प्रत्याशी लोकसभा, विधानसभा या निकाय के किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 78 के तहत हर प्रत्याशी को चुनाव परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर अपने खर्च का पूरा हिसाब (वाउचर सहित) जिला निर्वाचन अधिकारी को देना होता है। इन प्रत्याशियों ने न तो समय पर हिसाब दिया और न ही आयोग के नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब दिया।
इन 6 चेहरों पर लगा बैन:-
आयोग की गाज मुख्य रूप से बदायूं, संभल और लखनऊ के प्रत्याशियों पर गिरी है। अयोग्य घोषित किए गए नाम इस प्रकार हैं:-
- प्रज्ञा यशोदा: बिसौली (SC) क्षेत्र, बदायूं
- सुरेंद्र: बिसौली क्षेत्र, बदायूं
- ओमवीर: दातागंज क्षेत्र, बदायूं
- ममता देवी: शेखूपुर क्षेत्र, बदायूं
- अनिल कुमार: संभल जिला
- मुन्ना लाल: लखनऊ
ये सभी प्रत्याशी निर्दलीय (Independent) या छोटे दलों से चुनाव मैदान में उतरे थे।
पारदर्शिता के लिए कड़ा संदेश
निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई का मकसद चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और काले धन (Black Money) के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव लड़ना सिर्फ अधिकार नहीं है, बल्कि नियमों का पालन करना जिम्मेदारी भी है। जो भी प्रत्याशी खर्च का ब्योरा छिपाएगा, उसे भविष्य में ऐसी ही कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।