Edited By Anil Kapoor,Updated: 06 Mar, 2026 02:55 PM

Noida News: उत्तर प्रदेश का सबसे हाईटेक जिला कहे जाने वाला गौतमबुद्ध नगर इस वक्त एक गंभीर मानसिक संकट से जूझ रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के अलग-अलग इलाकों में 3 लोगों ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त....
Noida News: उत्तर प्रदेश का सबसे हाईटेक जिला कहे जाने वाला गौतमबुद्ध नगर इस वक्त एक गंभीर मानसिक संकट से जूझ रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के अलग-अलग इलाकों में 3 लोगों ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। नोएडा के सेक्टर-144, सलारपुर और बिसरख में हुई इन घटनाओं ने पुलिस और समाज के सामने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सेक्टर-144 में फंदे पर झूला ओमपाल
मूल रूप से कासगंज के रहने वाले ओमपाल नोएडा के सेक्टर-144 में अपने परिवार के साथ रहते थे। बुधवार को उन्होंने अपने कमरे के अंदर फंदा लगा लिया। परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल खुदकुशी की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है।
सलारपुर में मानसिक तनाव ने ली पिंटू की जान
सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के सलारपुर में रहने वाले 34 वर्षीय पिंटू ने मंगलवार रात पंखे से लटककर जान दे दी। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में भारी मानसिक तनाव की बात सामने आ रही है। काफी देर तक कमरे से बाहर न निकलने पर पड़ोसियों को अनहोनी का शक हुआ था।
होटल कर्मचारी यतेंद्र ने लगाया मौत को गले
तीसरी घटना ग्रेटर नोएडा के बिसरख इलाके की है। यहाँ इटावा के रहने वाले यतेंद्र कुमार ने आत्महत्या कर ली। यतेंद्र ग्रेटर नोएडा के एक होटल में काम करते थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सुसाइड के मामले?
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, अधिकतर मामलों में मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी या अकेलापन आत्महत्या की मुख्य वजह बनकर उभर रहे हैं। पुलिस तीनों मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच कर रही है।
विशेषज्ञों की राय, बातचीत ही है समाधान
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनों से दूर हो रहे हैं। अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति चुपचाप रहता है, निराश है या अपनी बातें साझा नहीं कर रहा, तो उससे बात करें।
लक्षण पहचानें
अचानक व्यवहार बदलना, नींद न आना और अकेलापन खतरे की घंटी है।
मदद लें
सही समय पर काउंसलिंग और डॉक्टरी सलाह से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।