रेलवे ट्रैक पर मिली छात्र की लाश का खुला राज, प्रेम संबंध के शक में CRPF जवान ने पहले सिर धड़ से अलग किया फिर…

Edited By ,Updated: 22 Feb, 2026 02:13 PM

the mystery of the student s body found on the railway track has been revealed

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में छात्र मनीष यादव की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे ट्रैक किनारे बोरी में मिले शव ने पूरे इलाके को दहला दिया था। अब पुलिस ने इस खौफनाक वारदात का खुलासा कर दिया है।

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में छात्र मनीष यादव की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलवे ट्रैक किनारे बोरी में मिले शव ने पूरे इलाके को दहला दिया था। अब पुलिस ने इस खौफनाक वारदात का खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश एक सीआरपीएफ जवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। आरोपी जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में ट्रेनिंग पर है। बताया जा रहा है कि मनीष का आरोपी की बहन से बातचीत करना उसे नागवार गुजरा। बहन स्वयं पुलिस विभाग में सिपाही है।

प्रेम प्रसंग और ‘परिवार की इज्जत’ बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, आरोपी को शक था कि मनीष उसकी बहन से प्रेम संबंध रखता है। इसी कथित पारिवारिक प्रतिष्ठा के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मनीष की बेरहमी से हत्या कर दी।

दिल दहला देने वाली दी सजा 
पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी को अवकाश पर इटावा आए अभिषेक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मनीष का अपहरण किया और 18 फरवरी को उसे गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को प्लास्टिक की बोरी में पैक कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया, ताकि इसे रेल हादसा दर्शाया जा सके। रेलगाड़ी गुजरने से शव क्षत-विक्षत हो गया, लेकिन बोरी मिलने से हत्या की आशंका गहराई। आरोपी ने पहले सिर धड़ से अलग किया उसके बाद पैर को काट दिया। उसके बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। 

एक गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सीआरपीएफ जवान और उसका एक अन्य साथी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर दिखा दिया कि कथित ‘इज्जत’ के नाम पर किस तरह रिश्तों और इंसानियत की सीमाएं पार कर दी गई है ये सब के सामने है। 

गौरतलब है कि इकदिल क्षेत्र के चितभवन रेलवे ट्रैक पर शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। प्रारंभिक पोस्टमाटर्म के बाद संतुष्ट न होने पर पांच डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमाटर्म कराया गया। बाद में एक्स-रे के जरिए शव से गोली बरामद हुई, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। इस मामले में दीपक नामक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अभिषेक यादव और एक अन्य साथी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर मामले का खुलासा किया गया। मनीष के लापता होने पर 18 फरवरी को भरथना थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी, जबकि उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई थी। 
 

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