Edited By Anil Kapoor,Updated: 07 Mar, 2026 11:30 AM

Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शुक्रवार को पुलिस और शातिर अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस गोलीबारी में सोशल मीडिया पर खुद को बदमाशों का देवता बताने वाला कुख्यात अपराधी प्रताप चौधरी पैर में गोली लगने से घायल....
Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शुक्रवार को पुलिस और शातिर अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस गोलीबारी में सोशल मीडिया पर खुद को बदमाशों का देवता बताने वाला कुख्यात अपराधी प्रताप चौधरी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने घेराबंदी कर प्रताप के साथ उसके साथी रवि उर्फ शूटर को भी गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों बदमाश एक बड़े व्यापारी से 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और सुपारी किलिंग की साजिश रचने के आरोपी हैं।
रेलवे स्टेशन के पास हुई घेराबंदी
सिविल लाइन थाना पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि बामाहेडी रेलवे स्टेशन के पास कुछ बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। पुलिस ने बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग झोंक दी और जंगल की ओर भागने लगे।
जवाबी फायरिंग में लगा सटीक निशाना
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली प्रताप चौधरी के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसे पुलिस ने तुरंत दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने इलाके में सघन कांबिंग ऑपरेशन चलाया और झाड़ियों में छिपे उसके दूसरे साथी रवि उर्फ शूटर को भी गिरफ्तार कर लिया।
20 लाख में ली थी व्यापारी की सुपारी
पूछताछ के दौरान प्रताप चौधरी ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। प्रताप ने बताया कि जब वह जेल में बंद था, तब उसकी मुलाकात अतुल कुमार नाम के शख्स से हुई थी। अतुल ने व्यापारी राजीव जैन को रास्ते से हटाने के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी। सुपारी लेने के बाद इन बदमाशों ने बुधवार को राजीव जैन को फोन किया और खुद को अनिल दुजाना गैंग का गुर्गा बताकर 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी।
कांपते हुए बोला- साहब गलती हो गई
मुठभेड़ के बाद जब प्रताप चौधरी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तो उसके तेवर बदले हुए थे। सोशल मीडिया पर देवता बनने वाला बदमाश पुलिस के खौफ से कांपता नजर आया। उसने कबूल किया कि वह अनिल दुजाना गैंग से प्रभावित है, लेकिन अब उसे योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से डर लगता है।
पुलिस की बरामदगी और कार्रवाई
एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने बदमाशों के पास से दो अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस। रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन। एक धमकी भरा पत्र, जिसमें मुकदमा वापस लेने और पैसे देने की बात लिखी थी।पुलिस अब इन बदमाशों के पूरे आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और इस साजिश में शामिल अतुल कुमार की तलाश तेज कर दी गई है।