Edited By Ramkesh,Updated: 01 Feb, 2026 05:57 PM

यूजीसी विवाद को लेकर अपने पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब SC/ST एक्ट को लेकर खुला विरोध शुरू कर दिया है। अपने गृह जनपद कानपुर पहुंचे अलंकार ने मीडिया से बातचीत में इस कानून को “काला कानून” करार देते हुए इसे...
बरेली: यूजीसी विवाद को लेकर अपने पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब SC/ST एक्ट को लेकर खुला विरोध शुरू कर दिया है। अपने गृह जनपद कानपुर पहुंचे अलंकार ने मीडिया से बातचीत में इस कानून को “काला कानून” करार देते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के तहत दर्ज होने वाली 95 प्रतिशत से अधिक शिकायतें फर्जी होती हैं।
इस्तीफे के बाद पहली बार बोले खुलकर
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि अब वह प्रशासनिक सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए बिना किसी दबाव के अपनी बात रख रहे हैं। उनके अनुसार, SC/ST एक्ट के कारण सामान्य वर्ग, ओबीसी और अन्य समुदायों के लोग भय और मानसिक तनाव में जीवन जी रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों पर दबाव का आरोप
अलंकार ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर इसलिए चुप हैं क्योंकि उन्हें जांच एजेंसियों का डर है। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक आशंकित रहते हैं कि आवाज उठाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, इसी कारण संसद और सड़कों पर अपेक्षित विरोध नहीं दिखता।
ED, CBI और इनकम टैक्स पर गंभीर आरोप
अपने बयान में अलंकार अग्निहोत्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इनकम टैक्स विभाग का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन एजेंसियों का इस्तेमाल डर और दबाव का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन एजेंसियों के जरिए जनप्रतिनिधियों पर “कैप” लगा दी गई है।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
अलंकार अग्निहोत्री ने साफ कहा कि अगर सरकार ने एक तय समय सीमा के भीतर संसद का विशेष सत्र बुलाकर SC/ST एक्ट को खत्म करने की पहल नहीं की, तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन से पहले सरकार को सात दिन का समय दिया जाएगा। उनका दावा है कि देशभर के करीब डेढ़ से दो हजार संगठन पहले से उनके संपर्क में हैं।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया। अलंकार का कहना है कि मौजूदा हालात में यदि चुनाव कराए जाएं तो केंद्र की मौजूदा सरकार को दहाई में भी सीटें मिलना मुश्किल होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग और ओबीसी समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
पार्टी नहीं, मुद्दा है एजेंडा
जब उनसे राजनीतिक पार्टी बनाने के सवाल पर पूछा गया तो अलंकार अग्निहोत्री ने साफ कहा कि फिलहाल उनका फोकस किसी पार्टी पर नहीं, बल्कि केवल मुद्दे पर है। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा SC/ST एक्ट को खत्म कराना है और यदि लोकतांत्रिक तरीके से मांग मान ली जाती है तो आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लोकतंत्र और व्यवस्था की लड़ाई
अपने बयान के अंत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें किसी तरह का डर नहीं है। उन्होंने ऐतिहासिक आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो दांडी मार्च जैसे आंदोलनों से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके अनुसार, यह लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं, बल्कि व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों की है।