Edited By Ramkesh,Updated: 24 Jan, 2026 04:24 PM

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्रियों अनिल राजभर ने सुभासपा प्रमुख को लेकर विवादित बयान दे दिया है। जिसके बाद सियासी पारा चढ़ गया है। दरअसल, वाराणसी में महाराजा सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से दिया गया एक बयान सियासी...
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्रियों अनिल राजभर ने सुभासपा प्रमुख को लेकर विवादित बयान दे दिया है। जिसके बाद सियासी पारा चढ़ गया है। दरअसल, वाराणसी में महाराजा सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंच से दिया गया एक बयान सियासी विवाद में बदल गया। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने मंच से ही सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर हंगामे की स्थिति बन गई।
अनिल राजभर सुहेलदेव पार्टी ने जताई नाराजगी
घटना वाराणसी स्थित महाराजा सुहेलदेव पार्क की है, जहां जयंती समारोह को संबोधित करते हुए अनिल राजभर भाषण दे रहे थे। इसी दौरान सुभासपा के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। आयोजकों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन शोर बढ़ता गया। इससे नाराज होकर अनिल राजभर ने मंच से ही नारेबाजी कर रहे समर्थकों को बाहर निकालने का निर्देश दिया और इसी दौरान ओम प्रकाश राजभर को लेकर “चोर” शब्द का प्रयोग कर दिया।
नाराज कार्यकर्ता धरने पर बैठे
मंच से दिए गए इस बयान के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आयोजकों और अनिल राजभर के समर्थकों ने सुभासपा कार्यकर्ताओं को पंडाल से बाहर निकालना शुरू किया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इस बयान के विरोध में सुभासपा के नेता और कार्यकर्ता मौके पर ही धरने पर बैठ गए। सुभासपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र राजन राजभर ने साफ कहा कि जब तक अनिल राजभर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते या उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से राजभर ने की शिकायत
बताया जा रहा है कि ओम प्रकाश राजभर की ओर से इस पूरे मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तक आपत्ति पहुंचाई गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अनिल राजभर और ओपी राजभर के बीच यह टकराव नया नहीं है। दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं, खासकर भाजपा-सुभासपा गठबंधन को लेकर अनिल राजभर की नाराजगी पहले भी सामने आ चुकी है। अब इस बयान के बाद गठबंधन की राजनीति और सरकार की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।