योगी कैबिनेट बैठक में एक बड़ा फैसला; PCS-J भर्ती नियमों में किया बदलाव, अब उम्मीदवारों को करना होगा ये काम

Edited By Pooja Gill,Updated: 30 Jan, 2026 01:07 PM

major changes made in pcs j recruitment rules

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक बड़ा फैसला किया है। सरकार ने पीसीएस (न्यायिक) भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक बड़ा फैसला किया है। सरकार ने पीसीएस (न्यायिक) भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब पीसीएस-जे परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम तीन साल की वकालत का अनुभव होना जरूरी होगा।

बता दें कि कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई। यह बदलाव इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिफारिश पर किया गया है। नए नियम के अनुसार, पीसीएस (न्यायिक) सेवा की सीधी भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को विज्ञापन की तिथि तक तीन वर्ष का विधि व्यवसाय यानी वकालत का अनुभव होना अनिवार्य होगा। इस प्रावधान को शैक्षिक योग्यता से जुड़े नियम 11 में जोड़ा गया है।

सरकार ने क्यों किया बदलाव 
अब तक पीसीएस-जे परीक्षा के लिए केवल एलएलबी डिग्री होना पर्याप्त था और विधि स्नातक सीधे परीक्षा में आवेदन कर सकते थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की भर्ती में तीन साल की प्रैक्टिस जरूरी करने का निर्देश सभी राज्यों और उच्च न्यायालयों को दिया था। उसी के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने यह बदलाव किया है। इसके अलावा, न्यायिक अधिकारियों के प्रशिक्षण और पदोन्नति से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया गया है और कुछ नए नियम जोड़े गए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया और स्पष्ट हो सके। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से न्यायिक सेवा की भर्ती और कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी, जिससे न्याय व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

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