पुलिस की गोली लगने से महिला की मौत के मामले की जांच सेवारत न्यायाधीश कह निगरानी में हो : अखिलेश

Edited By PTI News Agency,Updated: 18 May, 2022 08:36 PM

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लखनऊ, 18 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्धार्थनगर जिले में कोडरा ग्रांट के इस्लामनगर टोला में पिछले दिनों पुलिस दबिश के दौरान कथित रूप से पुलिस की गोली लगने से एक महिला के मौत के मामले की जांच उच्च न्यायालय के...

लखनऊ, 18 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्धार्थनगर जिले में कोडरा ग्रांट के इस्लामनगर टोला में पिछले दिनों पुलिस दबिश के दौरान कथित रूप से पुलिस की गोली लगने से एक महिला के मौत के मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है।

सिद्धार्थनगर में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे यादव ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कोडरा ग्रांट के इस्लामनगर टोला में 14 मई की रात पुलिस की दबिश के दौरान अपने बेटे को बेवजह पकड़े जाने का विरोध कर रही महिला को एक पुलिसकर्मी ने गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना शर्मनाक है।

उन्होंने कहा, ‘‘मामले में पुलिस लीपापोती ना कर सके, इसलिए इसकी जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए। समाजवादी पार्टी इस मसले को विधानसभा में भी उठाएगी।"
यादव ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि न्याय कि लड़ाई में वह उनके साथ हैं।

गौरतलब है कि 14 मई की रात कोडरा ग्रांट के इस्लामनगर टोला में गौ तस्करों को पकड़ने गई पुलिस टीम की दबिश के दौरान रोशनी नामक एक महिला ने अपने बेटे को पकड़ने का विरोध किया था। इस दौरान कथित रूप से एक पुलिसकर्मी ने उसे गोली मार दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में संबंधित पुलिस टीम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं। ललितपुर में थाने में दारोगा द्वारा बलात्कार का आरोप है। प्रदेश की पुलिस फर्जी मुठभेड़ के लिए बदनाम है। हिरासत में कई मौतें हुई हैं।’’
सपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर गेहूं की सरकारी खरीद कराने की जगह उसे उद्योगपतियों के हाथ लिखवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके पीछे भाजपा सरकार का इरादा है कि गरीब तक पूरा अनाज न पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच बड़ी कम्पनियों ने किसानों से औने-पौने दाम पर गेहूं खरीद लिया और अब वे उसी गेहूं को मनमाने दाम पर बेचकर भारी मुनाफा कमाएंगे।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मुफ्त राशन वितरण के नाम पर अब गरीबों को धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया, ‘‘तमाम गरीबों को अपात्र बताकर उनसे वसूली की मुनादी की जा रही है। जब किसानों से गेहूं खरीदा तो उसकी कीमत 12 रुपये प्रति किलो थी और अब राशन कार्ड के बहाने लोगों से रूपये 24 प्रति किलो की दर से वसूली होनी है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को महंगाई, गरीब की रोजी-रोटी की चिंता नहीं वह नफरत और परस्पर वैमनस्य की राजनीति के सहारे बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा चाहती है कि ज्ञानवापी के मामले में नौजवान उलझे रहें। उन्हें रोजगार के बारे में जवाब न देना पड़े। विकास के लिए शांति-सौहार्द की जरूरत होती है।’’
यादव ने आरोप लगाया कि चूंकि भाजपा को विकास में कोई रुचि नहीं है इसलिए वह समाज में साम्प्रदायिकता का विषाक्त वातावरण पैदा करना चाहती है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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