हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- मंत्री ने किसानों को खदेड़ने की धमकी न दी होती तो लखीमपुर खीरी कांड नहीं होता

Edited By Imran,Updated: 10 May, 2022 10:47 AM

high court s strict remarks in lakhimpur kheri case

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा कांड की सुनवाई सोमवार की गई, जिसमें लखनऊ बेंच में ही सोमवार को न्यायाधीश डीके सिंह ने इस मामले के अन्य आरोपी लव कुश, अंकित दास, सुमित जायसवाल और शिशुपाल की जमानत याचिका खारिज कर दी।

लखनऊ: लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा कांड की सुनवाई सोमवार की गई, जिसमें लखनऊ बेंच में ही सोमवार को न्यायाधीश डीके सिंह ने इस मामले के अन्य आरोपी लव कुश, अंकित दास, सुमित जायसवाल और शिशुपाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। 

वहीं, सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गैर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मंत्री ने अगर धमकी वाला कथित बयान न दिया होता तो यह घटना ही नहीं हुई होती। उच्च राजनीतिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए।

चार्जशीट का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि किसान तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की इस मामले को लेकर आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि हमें यह विश्वास नहीं है कि उप मुख्यमंत्री को उस क्षेत्र में धारा 144 के लागू होने की जानकारी न हो। धारा 144 लागू होने के बावजूद कुश्ती का आयोजन किया गया और केंद्रीय राज्य मंत्री तथा उप मुख्यमंत्री ने उक्त आयोजन में जाने का निर्णय लिया।

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