'थाने को लगाई आग, SI को जलाया', बांग्लादेश में SAD छात्र नेता ने पुलिस को दी चेतावनी; 2024 की हिंसा याद दिलाकर धमकाया!

Edited By Anil Kapoor,Updated: 04 Jan, 2026 08:35 AM

a student leader in bangladesh openly threatened the police

UP Desk: बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि शायेसतागंज पुलिस स्टेशन में छात्र नेता खुलेआम पुलिस अधिकारियों को धमका रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के...

UP Desk: बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि शायेसतागंज पुलिस स्टेशन में छात्र नेता खुलेआम पुलिस अधिकारियों को धमका रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार दोपहर पूर्वी हबीगंज जिले में हुई। वीडियो के अनुसार, एंटी-डिस्क्रिमिनेशन स्टूडेंट मूवमेंट (SAD) के नेता थाने पहुंचे और एक आरोपी की रिहाई की मांग करने लगे। उनके निशाने पर एनामुल हसन उर्फ नयन थे, जिन्हें गुरुवार देर रात हिरासत में लिया गया था। नयन पूर्व में प्रतिबंधित छात्र लीग का नेता बताया गया है और उस पर बांग्लादेश अवामी लीग से जुड़े छात्र संगठन से संबंध होने का आरोप है।

छात्र नेता ने पुलिस अफसर को धमकाया
SAD आंदोलन के नेता महदी हसन वीडियो में पुलिस अधिकारियों के सामने खुलकर धमकियां देते नजर आए। उन्होंने 2024 में हुई हिंसा और पुलिस स्टेशन जलाने की घटना का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि अगर नयन को तुरंत रिहा नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम होंगे। वीडियो में महदी हसन कहते दिखे कि “हमने ही यह सरकार बनाई है, फिर आप हमारे लड़कों को उठा रहे हैं और अब सौदेबाजी कर रहे हैं।”

2024 की हिंसा और शहीद हुए लोग
रिपोर्ट के मुताबिक, SAD के नेता और कार्यकर्ता शायेसतागंज थाने के प्रभारी अधिकारी अबुल कलाम और अन्य पुलिसकर्मियों के सामने बैठे थे। महदी हसन ने 2024 की हिंसा का भी जिक्र किया, जिसमें हबीगंज में हुए आंदोलन के दौरान 17 लोग ‘शहीद’ हुए। उन्होंने कहा कि उनके उद्देश्य से पुलिस को यह चेतावनी देना था कि नयन की रिहाई अनिवार्य है।

सियासी और प्रशासनिक बहस तेज
2024 में SAD आंदोलन में इस्लामी तत्वों की भूमिका को लेकर हसीना सरकार की गिरावट हुई थी। छात्र लीग, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना का छात्र संगठन था, 2024 में प्रतिबंधित कर दिया गया। वायरल वीडियो के बाद बांग्लादेश में पुलिस की निष्पक्षता और शासन की पकड़ पर बहस तेज हो गई है। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी अधिकारी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

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