Edited By Imran,Updated: 21 Apr, 2022 04:08 PM

उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा होने की संभावना बताते हुए सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की और कहा कि वायरस का यह वेरिएंट सामान्य वायरल की तरह है और कोविड टीका लगवा चुके लोगों के लिये खतरे की संभावना बहुत कम है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा होने की संभावना बताते हुए सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की और कहा कि वायरस का यह वेरिएंट सामान्य वायरल की तरह है और कोविड टीका लगवा चुके लोगों के लिये खतरे की संभावना बहुत कम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को टीम-09 की बैठक में कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संभव है कि आने वाले दिनों में नए पॉजिटिव केस में इजाफा देखने को मिले, मगर वायरस का यह वेरिएंट सामान्य वायरल की तरह ही है। कोविड टीका लगवा चुके लोगों के लिए खतरे की संभावना न्यून है। लोगों को बताया जाए कि घबराने की कोई जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता, सावधानी बनाए रखनी होगी।
उन्होने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोविड के नए केस में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर हमें सतकर् रहना होगा। यथा आवश्यक स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का बारे में बच्चों को जागरूक किया जाए। एनसीआर के जिलों तथा लखनऊ में सभी के लिए सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क की अनिवार्यता को प्रभावी बनाया जाए। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन के लिए जागरूक किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 980 है। पिछले 24 घंटों में एक लाख 14 हजार कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 205 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 81 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। गौतमबुद्ध नगर में 103, गाजियाबाद में 52 और लखनऊ में 16 नए पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। इन जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
उन्होने बताया कि 30 करोड़ 91 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही 18+ आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है, जबकि 86.85 फीसदी से अधिक वयस्क लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 15 से 17 आयु वर्ग में 94.32 प्रतिशत किशोरों को पहली खुराक मिल चुकी है और 62 फीसदी से अधिक किशोरों को दोनों डोज लग चुकी है। बच्चों के टीकाकरण को और तेज करने की आवश्यकता है। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को पहली डोज के बाद अब पात्रता के अनुसार दूसरी डोज भी दी जाए