Edited By Pooja Gill,Updated: 24 Jan, 2026 04:12 PM

यूपी न्यूज: उत्तर प्रदेश को बांटने की मांग एक बार फिर सामने आई है। पहले पश्चिमी यूपी में कुछ बीजेपी नेताओं ने राज्य विभाजन की बात कही थी और अब अमेठी...
यूपी न्यूज: उत्तर प्रदेश को बांटने की मांग एक बार फिर सामने आई है। पहले पश्चिमी यूपी में कुछ बीजेपी नेताओं ने राज्य विभाजन की बात कही थी और अब अमेठी से पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की आवाज उठी है।
'विकास तभी संभव है, जब अलग राज्य बनाया जाए'
जानकारी के मुताबिक, बीते बुधवार यानी 21 जनवरी 2026 को अमेठी जिले के ददन सदन में आयोजित खिचड़ी भोज और स्नेह मिलन कार्यक्रम में पूर्वांचल राज्य की मांग खुलकर रखी गई। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह और पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री डॉ. अमीता सिंह ने कहा कि पूर्वांचल का सही विकास तभी संभव है, जब इसे अलग राज्य बनाया जाए। कार्यक्रम में हजारों लोग मौजूद थे। उन्होंने सबके सामने मंच से ये स्पष्ट शब्दों में कहा।
'यूपी बहुत बड़ा राज्य है'
सूत्रों के मुताबिक, एक चैनल से बातचीत में डॉ. संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। इतने बड़े राज्य को एक ही प्रशासनिक ढांचे से सही तरीके से चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि जब आबादी बहुत ज्यादा होती है, तो विकास और लोकतंत्र दोनों प्रभावित होते हैं।
इन जिलों को मिलाकर नया राज्य बनाने की मांग की
संजय सिंह ने बताया कि प्रस्तावित पूर्वांचल राज्य में यूपी के 8 मंडलों के 28 जिले शामिल होंगे। इनमें वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या, अमेठी, मिर्जापुर, सोनभद्र, बलिया, बस्ती, कुशीनगर सहित कई जिले होंगे। लगभग 7 करोड़ 98 लाख की आबादी के साथ यह राज्य देश का 14वां सबसे बड़ा राज्य बन सकता है। उन्होंने दावा किया कि यह राज्य 2027 के चुनाव से पहले अस्तित्व में आ सकता है।
‘पूर्वांचल राज्य संयुक्त संकल्प मंच’ से चलेगा आंदोलन
डॉ. संजय सिंह ने कहा कि पूर्वांचल राज्य की मांग को आगे बढ़ाने के लिए ‘पूर्वांचल राज्य संयुक्त संकल्प मंच’ बनाया जाएगा। इसके जरिए सभी सामाजिक और राजनीतिक संगठनों को एक साथ लाया जाएगा, ताकि इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा जा सके।
डॉ. अमीता सिंह बोलीं- पूर्वांचल की पहचान अलग है
पूर्व मंत्री डॉ. अमीता सिंह ने कहा कि पूर्वांचल की भाषा और संस्कृति अलग है, लेकिन इसके बावजूद इस क्षेत्र को लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां उपजाऊ जमीन, प्राकृतिक संसाधन और मेहनती लोग हैं, फिर भी यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ा हुआ है। डॉ. अमीता सिंह ने भावुक अपील करते हुए कहा, “मुंबई, सूरत, लुधियाना, सिंगापुर, दुबई, मॉरीशस और सिलिकॉन वैली में पूर्वांचल के लोग अपनी मेहनत का परचम लहरा रहे हैं। हमें पूर्वांचल राज्य दे दीजिए, हम भारत को जापान बनाने की शक्ति, सामर्थ्य और संकल्प रखते हैं। ”
बीजेपी के लिए चुनौती बन सकती है मांग
कार्यक्रम के बाद साफ हो गया है कि आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज होगा। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही राज्य विभाजन की मांग का विरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश की ताकत उसकी एकता में है और राज्य को एकजुट रहकर ही विकास करना चाहिए। अब देखना यह होगा कि पूर्वांचल राज्य की यह मांग आगे चलकर बीजेपी के लिए कितनी बड़ी राजनीतिक चुनौती बनती है।