Edited By Moulshree Tripathi,Updated: 18 Apr, 2021 04:30 PM

एक तरफ वैश्विक महामारी कोरोना ने जिंदगी को मौत के रंग में रंग दिया है। वहीं मौत के बाद भी लाशों का सौदा हो रहा है। वो भी अंतिम संस्कार के लिए। श्मशान घाट
लखनऊः एक तरफ वैश्विक महामारी कोरोना ने जिंदगी को मौत के रंग में रंग दिया है। वहीं मौत के बाद भी लाशों का सौदा हो रहा है। वो भी अंतिम संस्कार के लिए। श्मशान घाट हो या कब्रिस्तान लाशों की लंबी कतारें आपदा को निमंत्रण दे रही हैं घटिया अवसर का। ताजा मामला लखनऊ के भैंसाकुंड घाट का है। जहां कोरोना संकट के बीच घटिया अवसर का खेल चल रहा है।
दरअसल लखनऊ के भैसा कुंड घाट पर आपदा के संवेदनशील दौर में भी धनउगाही के लिए अपनी जेबें गर्म करने में लगे हुए हैं। ऐसे में अगर अंतिम संस्कार के लिए लाइन में नहीं लगना है तो दस हज़ार रुपए लाइए और जल्दी से अंतिम संस्कार कराइए। ये बात चिंता का विषय इसलिए भी है कि आज जिस कोरोना संकट के दौर से हम गुजर रहे हैं उसके लिए ऐसे समाज का क्या जहां सांस लेने में कोरोना गला दबा रहा हो और मरने पर इंसान खाल नोच रहा हो...।