'मैं दरिंदों से हार गया...', जेल वॉर्डन ने किया सुसाइड, DSP समेत 2 पर गंभीर आरोप; 2 सुसाइड नोट में लिखा दर्द

Edited By Purnima Singh,Updated: 03 Jan, 2026 04:19 PM

jail warden commits suicide in sirsa

हरियाणा के सिरसा जिला जेल में तैनात वार्डन सुखदेव सिंह ने सल्फास का सेवन कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने दो सुसाइड नोट छोड़े हैं, जिनमें जेल के एक डीएसपी समेत दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वार्डन ने लिखा है कि ड्यूटी लगाने...

Jail warden Suicide : हरियाणा के सिरसा जिला जेल में तैनात वार्डन सुखदेव सिंह ने सल्फास का सेवन कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने दो सुसाइड नोट छोड़े हैं, जिनमें जेल के एक डीएसपी समेत दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वार्डन ने लिखा है कि ड्यूटी लगाने को लेकर उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया गया। इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप 
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने सिरसा पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे शव नहीं लेंगे। फिलहाल हुडा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और परिजनों की ओर से जेल के डीएसपी सहित दो अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी गई है।

वॉर्डन ने बेटे को किया फोन
आत्महत्या से पहले सुखदेव सिंह ने अपने बेटे को फोन कर बताया कि वह दोनों अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ खा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बैग में जेल महानिदेशक और जेल सुपरिंटेंडेंट के नाम लिखा सुसाइड नोट मौजूद है। फोन पर उन्होंने कहा, “मैं इन दरिंदों से हार गया हूं, अपना और मां का ख्याल रखना।”

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'पापा को अस्पताल पहुंचाया लेकिन बचा नहीं पाए.....'
मीडिया से बातचीत में मृतक के बेटे जसपाल सिंह और पिता दीप सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे सुखदेव सिंह का फोन आया था। उस समय वह सल्फास खा चुके थे और उन्होंने डीएसपी व एलओ को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। परिजन करीब एक घंटे में मौके पर पहुंचे और पहले उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर निजी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान रात में उनकी मौत हो गई।

जातिसूचक गालियां देने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि सुखदेव सिंह लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित थे और उनके दिल में दो स्टेंट लगे हुए थे। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा था। बेटे का आरोप है कि उन्हें जातिसूचक गालियां भी दी गईं, जिससे मानसिक रूप से टूटकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।

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सुसाइड में लिखी ये बातें
सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने लिखा है कि वह पिछले सात साल से जिला जेल सिरसा में वार्डन के पद पर कार्यरत थे और छह साल से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने 14 दिसंबर को रात की ड्यूटी न लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बाद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया। 31 दिसंबर को भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और नए साल पर जेल सुपरिंटेंडेंट के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई गई। इसके बावजूद उन्हें ड्यूटी पर नहीं लिया गया और पूरे दिन खड़ा रखा गया।

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दूसरे सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप 
दूसरे सुसाइड नोट में उन्होंने जेल सुपरिंटेंडेंट से इंसाफ की गुहार लगाई और लिखा कि लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर वह आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर सिरसा पुलिस जांच की बात कह रही है, लेकिन मीडिया के सामने कोई स्पष्ट बयान देने से बचती नजर आ रही है।

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