Edited By Anil Kapoor,Updated: 04 Jan, 2026 08:01 AM

Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के भैंसहापर गांव की यह घटना लंबे समय तक चर्चा में रही है। जहां 14 वर्षीय किशोरी रिया मौर्या को महज 40 दिनों के भीतर 13 बार सांप ने काट लिया। इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे...
Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के भैंसहापर गांव की यह घटना लंबे समय तक चर्चा में रही है। जहां 14 वर्षीय किशोरी रिया मौर्या को महज 40 दिनों के भीतर 13 बार सांप ने काट लिया। इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को दहशत में डाल दिया। बार-बार सांप के काटने से रिया की हालत अक्सर गंभीर हो जाती थी, जिससे परिजन भी बेहद परेशान और भयभीत रहते थे।
खेत में काम के दौरान पहली बार सांप ने काटा
घटना पहली बार 22 जुलाई को सामने आई, जब रिया धान की रोपाई के लिए खेत गई थी। उसी दौरान अचानक एक सांप ने उसके पैर में डस लिया। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया, लेकिन परिवार उसे मंझनपुर के तेजमती अस्पताल ले गया, जहां इलाज के बाद उसकी जान बच सकी। इलाज के बाद जैसे ही रिया घर लौटी, कुछ दिनों के भीतर उस पर फिर से सांप ने हमला कर दिया। इसके बाद 40 दिनों तक लगातार सांप उसे निशाना बनाता रहा और कुल 13 बार उसे काट चुका था।
इलाज और झाड़-फूंक भी नहीं रोक पाई डरावनी घटनाएं
बार-बार सांप के काटने से परेशान परिवार ने हर संभव इलाज कराया। अस्पताल के साथ-साथ झाड़-फूंक का भी सहारा लिया गया, लेकिन इसके बावजूद सांप का डर खत्म नहीं हुआ। हालात इतने बिगड़ गए कि रिया को अपना घर छोड़कर बुआ के यहां जाना पड़ा। वहां रहने के दौरान भी रिया को सपनों में सांप दिखाई देता था, जिससे उसका डर और बढ़ गया।
सपेरा बुलाया गया, लेकिन सिर्फ नाग ही पकड़ा गया
किसी की सलाह पर परिजनों ने सपेरे को बुलाया। सपेरे ने घर पहुंचकर एक नाग को पकड़ लिया, लेकिन उसके जोड़े यानी नागिन का कोई पता नहीं चल सका। गांव में मान्यता है कि जहां नाग होता है, वहां नागिन भी होती है। इसी वजह से परिवार की चिंता और डर अभी तक खत्म नहीं हो सका है।
पांच महीने से घर से दूर, पढ़ाई भी प्रभावित
रिया की मां ने बताया कि उनकी बेटी पिछले करीब पांच महीनों से घर से दूर रह रही है। जुलाई महीने से ही वह अपने रिश्तेदारों के यहां रह रही है। सांप के डर से वह अपने ही घर लौटने को तैयार नहीं है। रिया का कहना है कि जब तक नागिन नहीं पकड़ी जाएगी या नया पक्का घर नहीं बनेगा, तब तक वह वापस नहीं आएगी। रिया का घर मिट्टी की दीवारों से बना है, जिस वजह से उसे लगता है कि सांप कहीं न कहीं अब भी घर में छिपा हो सकता है। इसी डर के कारण उसकी पढ़ाई और भविष्य दोनों पर असर पड़ रहा है।
परिवार का दावा: ताबीज से बची जान
रिया की मां ने बताया कि अब तक सरकार की ओर से उन्हें किसी तरह की मदद नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले जब वह कहीं जा रही थीं, तब एक सांप उनके पैरों में लिपट गया था, लेकिन उसने उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाया। परिवार का दावा है कि यह सब एक बाबा द्वारा दिए गए ताबीज की वजह से हुआ। मां के अनुसार, बाबा ने परिवार के सभी सदस्यों को ताबीज पहनाया था और कहा था कि इससे सांप नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। परिवार मानता है कि ताबीज की वजह से वे सुरक्षित हैं, लेकिन रिया अब भी डर के कारण अपने घर लौटने को तैयार नहीं है।