Edited By Moulshree Tripathi,Updated: 20 Apr, 2021 04:41 PM

खतरनाक कोरोना की वायरस की दूसरी लहर का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में हर आदमी अपनी जान बचाने में लगा हुआ है। ऐसे में कोरोना संकट के दौर
रायबरेलीः खतरनाक कोरोना की वायरस की दूसरी लहर का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में हर आदमी अपनी जान बचाने में लगा हुआ है। ऐसे में कोरोना संकट के दौर में सबसे ज्यादा हानि किसी को हुआ है तो वो है संवेदना, मानवीयता और भावना जो कि तार-तार होकर रह गई है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली का है। जहां परिजन चिता पर अधजले शव को छोड़कर भाग गए।
बता दें कि मामला जनपद के सत्य नगर का है। जहां एक शव अंतिम संस्कार के लिए डलमऊ गंगा घाट पर लाया गया। जहां पर एक तीर्थ पुरोहित ने विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ दाह संस्कार की संपूर्ण क्रिया को संपन्न कराया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए चिता पर लिटा दिया। जिसके बाद चिता में आग लगा दी गई लेकिन कुछ ही देर बाद मौसम में परिवर्तन हुआ और तीव्र गति के साथ आंधी और पानी आ गया। तूफान से डर परिजन अधजले शव को गंगा घाट पर है छोड़कर भाग निकले। आंधी और पानी की वजह से चिता पर लगी आग बुझ गई तथा चिता पर रखे शव को कुत्ते नोंच नोंच कर खाने लगे।
इस घटना ने सीमा पार कर दी। जब गंगा घाट से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित पुलिस चौकी को भी इस घटना की भनक नहीं लगी। सुबह होने पर जब श्मशान घाट पर तीर्थ पुरोहित पहुंचे और वहां का दृश्य देखकर हैरान हो गए, तत्काल चिता में आग लगवाकर शव का अंतिम संस्कार कराया गया।