‘दगाबाज' दारा सिंह को वोट नहीं दें: BJP कार्यकर्ताओं ने यूपी के घोसी में की जनता से अपील

Edited By Mamta Yadav,Updated: 04 Mar, 2022 08:00 PM

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उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार से ऐन चुनाव के मौके पर बगावत कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने वाले अति पिछड़े चौहान (नोनिया) समुदाय के नेता, पूर्व वन मंत्री दारा सिंह चौहान को...

मऊ: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार से ऐन चुनाव के मौके पर बगावत कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने वाले अति पिछड़े चौहान (नोनिया) समुदाय के नेता, पूर्व वन मंत्री दारा सिंह चौहान को विधानसभा में पहुंचने से रोकने के लिए सत्तारूढ़ दल उन्हें 'दगाबाज' करार दे रहा है और जनता से उन्हें वोट नहीं देने की अपील कर रहा है। जनवरी माह में स्वामी प्रसाद मौर्य की तरह ही दारा सिंह चौहान ने भी भाजपा पर पिछड़ों-दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाकर राज्य सरकार के वन व पर्यावरण मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा ने उन्हें मऊ जिले की घोसी सीट से उम्मीदवार बनाया है और चौहान अपनी सभाओं में भाजपा को दलितों- पिछड़ों का विरोधी बताकर हमला कर रहे हैं।

घोसी विधानसभा क्षेत्र में दारा सिंह के मुकाबले भाजपा ने मौजूदा विधायक (उप चुनाव में जीते) विजय राजभर, बहुजन समाज पार्टी ने वसीम अहमद 'चुन्नू' और कांग्रेस ने प्रियंका यादव को उम्मीदवार बनाया है। मऊ जिले में सात मार्च को मतदान होगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार सवा चार लाख से अधिक मतदाताओं वाले घोसी विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित और पिछड़ी जातियों का ज्यादा प्रभाव है। इस क्षेत्र में दलित मतदाता करीब 70 हजार, 50 हजार से अधिक राजभर, करीब 45 हजार चौहान हैं। इसके अलावा कुर्मी, यादव, जायसवाल, गुप्ता आदि जातियाँ हैं, जबकि 55 हजार से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं। इस क्षेत्र में सामान्य जातियों में भूमिहार, ब्राह्मण, क्षत्रिय और कायस्थों के भी गांव हैं, लेकिन यहां के ज्यादातर जनप्रतिनिधि पिछड़ी जातियों से ही चुने जाते हैं।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में घोसी क्षेत्र से फागू चौहान छठी बार विधानसभा चुनाव जीते थे लेकिन जुलाई 2019 में उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाये जाने के बाद घोसी में उपचुनाव हुआ था। फागू चौहान को 2017 में 88,298, बसपा के अब्‍बास अंसारी को 81,295 और सपा के सुधाकर सिंह को 73,688 मत मिले थे। बुधवार को योगी ने मऊ जिले की चुनावी जनसभाओं में दारा सिंह चौहान और बांदा जेल में बंद मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का नाम लिए बिना लोगों से 'दगाबाज' और 'दागदारों' से सावधान रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ''दगाबाज आपको धोखा देकर भाग गया और दागदार (माफिया) की बोलती बुलडोजर ने बंद कर दी है।''

उल्लेखनीय है कि 2009 के लोकसभा चुनाव में घोसी क्षेत्र से जीतने के बाद बहुजन समाज पार्टी संसदीय दल के नेता रहे और क्रमशः दो बार बसपा और सपा से राज्‍यसभा सदस्‍य रह चुके दारा सिंह चौहान 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे। तब भाजपा ने उन्हें अपने पिछड़ा वर्ग मोर्चा का राष्‍ट्रीय अध्यक्ष बनाया। दारा 2017 में पहली बार मऊ के मधुबन क्षेत्र से विधायक बने और योगी सरकार में उन्हें वन व पर्यावरण मंत्री बनाया गया। दारा के दल बदल की टीस बुधवार को योगी के संबोधन में साफ दिखी। योगी के निशाने पर चौहान के साथ ही मऊ से चुनाव लड़ रहे मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्‍बास अंसारी भी थे। अब्‍बास 2017 में घोसी से बसपा के उम्मीदवार थे और उनके घोसी के समर्थक इस बार दारा के पक्ष में सक्रिय हो गये हैं।

समाजवादी पार्टी गठबंधन में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने अब्बास को मऊ से अपना उम्मीदवार बनाया है। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अब्‍बास के साथ-साथ दारा सिंह चौहान के पक्ष में भी अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है। 2017 में मऊ से सपा के उम्मीदवार रहे अल्ताफ अंसारी ने इस बार घोसी में चौहान के चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है और योगी द्वारा संकेतों में चौहान को 'दगाबाज' कहे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ''दारा सिंह चौहान ने भाजपा की असलियत उजागर कर दी तो अब उन लोगों का तिलमिलाना स्वाभाविक है, क्योंकि इस बार सपा के पक्ष में लहर चल रही है और दारा रिकार्ड मतों से चुनाव जीतेंगे।'' हालांकि अल्ताफ के दावे के विपरीत भाजपा उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में लगे मऊ के जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि ''दारा को उनकी 'दगाबाजी' की सजा जनता देगी और सपा का भितरघात उनकी जमानत जब्त करा देगा।''

राय ने भाजपा के विजय राजभर के चुनाव जीतने का दावा करते हुए कहा कि ''भाजपा को सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है।'' चुनाव में रुख पूछे जाने पर मऊ के मधुबन (परिसीमन से पहले नत्थूपुर) और घोसी क्षेत्र से विधायक रह चुके सुधाकर सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा ''अभी मैं चुप हूं और 10 मार्च के बाद राष्‍ट्रीय अध्यक्ष (अखिलेश यादव) से बातचीत के बाद अपना अगला फैसला लूंगा।'' अटकलें हैं कि सुधाकर चौहान के खिलाफ काम कर रहे हैं। घोसी में सुधाकर की नाराजगी को एक महत्वपूर्ण समीकरण बताते हुए जिले के राजनीतिक मामलों के जानकार विनय जायसवाल ने कहा कि बसपा उम्मीदवार भी यहां मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं और अगर मुस्लिम मतदाताओं ने उनका (बसपा उम्मीदवार) साथ दिया तो दारा चौहान के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।

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