Edited By Anil Kapoor,Updated: 07 Jan, 2026 09:35 AM

Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से बड़ी खबर आ रही है। देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत मंगलवार देर रात अचानक खराब हो गई। जेल प्रशासन ने उन्हें पहले महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया में भर्ती कराया,...
Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से बड़ी खबर आ रही है। देवरिया जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत मंगलवार देर रात अचानक खराब हो गई। जेल प्रशासन ने उन्हें पहले महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जारी है।
जेल में बंद और जमानत अर्जी खारिज
अमिताभ ठाकुर 10 दिसंबर से देवरिया जेल में बंद हैं। उन पर इंडस्ट्रियल एरिया की जमीन से जुड़े धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई चल रही है। मंगलवार को सीजेएम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अमिताभ ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने 1998-2000 के बीच एसपी रहते हुए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। लखनऊ के तालकटोरा थाने में दर्ज एफआईआर में आवास विकास कॉलोनी निवासी संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने अपने और परिवार के फायदे के लिए फर्जी नाम और दस्तावेज तैयार किए।
फर्जी दस्तावेज और प्लॉट हड़पने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि नूतन ठाकुर ने फर्जी पहचान पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए इंडस्ट्रियल एरिया में प्लॉट का आवंटन कराया और बाद में रजिस्ट्री कराकर उन पर कब्जा कर लिया। शिकायत में यह भी आरोप है कि नूतन ठाकुर ने अलग-अलग नकली नामों से शपथ पत्र और बैंक चालान जमा किए। संजय शर्मा का कहना है कि उस समय जिले के एसपी होने के बावजूद अमिताभ ठाकुर ने इन कथित गड़बड़ियों की जानकारी होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों की मिलीभगत से प्लॉट हासिल किया।
गिरफ्तारी और हिरासत
9 दिसंबर को लखनऊ पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को शाहजहांपुर से ट्रेन में गिरफ्तार किया था। 10 दिसंबर को उन्हें देवरिया लाकर कोर्ट में पेश किया गया, और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। लगातार तीन तारीखों पर उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। अब उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन अलर्ट मोड में है और उनका इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जारी है।