Edited By Anil Kapoor,Updated: 07 Jan, 2026 01:13 PM

Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। जहां हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गोतावन पुरवा गांव में 70 वर्षीय राम औतार उर्फ फक्कड़ की मौत आग में जलने से हो गई। घटना की वजह थी मधुमक्खियों का हमला और उसी दौरान जंगली...
Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। जहां हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गोतावन पुरवा गांव में 70 वर्षीय राम औतार उर्फ फक्कड़ की मौत आग में जलने से हो गई। घटना की वजह थी मधुमक्खियों का हमला और उसी दौरान जंगली घास में लगी आग।
मधुमक्खियों के हमले से भागते-बचते हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, राम औतार मूंज (जंगली घास) के सिरका, सूप, डालिया आदि बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। मंगलवार दोपहर वह मूंज लेने जंगल गए थे। रास्ते में मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बचने के लिए राम औतार सड़क किनारे लगी खर-पतवार (जंगली घास) में छिप गए।
आग में जिंदा जलकर हुई मौत
इस दौरान किसी ने मधुमक्खियों को भगाने के लिए खर-पतवार में आग लगा दी। राम औतार इस आग में फंस गए और मौके पर मौजूद लोग वहां से भाग गए। देर शाम तक घर न लौटने पर परिवार वालों ने तलाश शुरू की। उन्हें जली हुई खर-पतवार में राम औतार का शव मिला।
परिवार में मातम
हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। राम औतार की पत्नी ने बताया कि सुबह उनके पति बाबा टीकाराम धाम मेले से सिंदूर लाए थे और दोपहर में मूंज लेने जंगल गए थे।
पुलिस ने की हादसे की पुष्टि
हैदरगढ़ पुलिस ने बताया कि यह एक दुखद दुर्घटना है। परिवार की शिकायत मिलने पर पुलिस मामले की जांच करेगी। फिलहाल यह हादसा स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चेतावनी की तरह सामने आया है कि जंगल में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।