Edited By Ramkesh,Updated: 07 Jan, 2026 05:12 PM

उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय यूपी एसटीएफ द्वारा परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली से जुड़े गंभीर खुलासों के बाद लिया गया। जांच में सामने आया कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कुछ संगठित गिरोह...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय यूपी एसटीएफ द्वारा परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली से जुड़े गंभीर खुलासों के बाद लिया गया। जांच में सामने आया कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कुछ संगठित गिरोह अभ्यर्थियों से अवैध रूप से धन की वसूली कर रहे थे और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
लंबे समय से यूपी एसटीएफ कर रही थी जांच
सूत्रों के मुताबिक, यूपी एसटीएफ को लंबे समय से परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो चुके हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने और योग्य अभ्यर्थियों के हित में यह सख्त कदम उठाया।
धांधली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
सरकार का कहना है कि धांधली की किसी भी संभावना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ की जांच आगे भी जारी रहेगी और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लाखों अभ्यर्थियों को झटका
परीक्षा निरस्त होने से लाखों अभ्यर्थियों को झटका लगा है, हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।