Exclusive Interview: CM योगी बोले- पंचायत चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत, 2022 में भी दोहराएंगे यहीं

Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 12 Jul, 2021 04:59 PM

cm yogi said bjp big victory in panchayat elections

पंचायत चुनावों में भाजपा कीबड़ी जीत के बाद जहां सूबे के मुखिया 2022 के विधानसभा चुनाव में भी यहीं परिणाम दोहराने की बात कह रहे हैं, वहीं विपक्ष पर सीएम योगी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष केवल ए.सी. कमरों में बैठ कर ट्विटर पर अनर्गल बयानबाजी कर रहा...

लखनऊः पंचायत चुनावों में भाजपा कीबड़ी जीत के बाद जहां सूबे के मुखिया 2022 के विधानसभा चुनाव में भी यहीं परिणाम दोहराने की बात कह रहे हैं, वहीं विपक्ष पर सीएम योगी ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष केवल ए.सी. कमरों में बैठ कर ट्विटर पर अनर्गल बयानबाजी कर रहा है। कोरोना रोकथाम, आगामी विधानसभा चुनाव समेत तमाम मुद्दों पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की पंजाब केसरी के अविरल सिंह ने विशेष बातचीत की।

प्रश्न- योगी जी कोरोना से उबरने के बाद आपने प्रदेश में जमीनी स्तरपर उतर कर हालात का जायजा लिया और सिस्टम को सुधारने के लिए पूरी ताकत झोंक दी ?
उत्तर- कोरोना एक वैश्विक महामारी है, पूरा विश्व इससे जूझ रहा है। हम सबके अदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने जिस तरीके से देश को इस संकट से निकालने का कार्य किया है, वो हम सबके लिए अनुकरणीय है। मैं खुद कोरोना संक्रमित हुआ और इस बीमारी को झेला है अंतः इसकी परेशानियों से मैं भली भांवत परिचित हूं। इसलिए स्वास्थय होते हीजिलों का दौरा कर मैं संक्रमित मरीजोंसेमिला, उनकाकुशलक्षेम लिया। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों केसाथ बैठकर समस्याओं के त्वरितसमाधानका प्रयास किया। उत्तर प्रदेश की 75 प्रतिशत से अधिक की अबादीगांवों में रहतीहै। मैं स्वयंगांव गया वहां के लोगोंसे संवाद किया। 31 मार्च से प्रदेश में लगातार टेस्ट हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकोंमें 65% से अधिक टेस्टहो रहे थे। 5 मई से गांव-गांव टैस्टिंग का विशेषअभियान भी चलाया गया। गांव को बचाना हमारी प्राथमिकता में था। गांव बचेगा तो ही ये प्रदेश और देश बचेगा। इस मूल मंत्र के साथ हमने स्वास्थय विभाग और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शहरों के साथ गांवों के इन गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान, महिलाओं कोबचाने के लिए युद्धस्तरपर कार्य किया। उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ जनता की अकांक्षाएं, उम्मीदें हमसे जुड़ी हैं। 2017 हो या 2019 का लोकसभा चुनावजनता ने प्रधानमंत्री मोदी और एन.डी.ए. पर भरोसा जताया है, इस प्रकार मिले जनसमर्थन और अदरणीय प्रधानमंत्री जी के कु शल मार्गदर्शन से मुझे प्रदेश हित मेंलगातार कार्य करने कीप्रेरणा और उर्जा मिलती है।

प्रश्न- कोरोना के बढ़ते मामलों पर जिस तरीके से आपने काबू किया, इसकी तारीफ देश से लेकर विदेश तक हुई, इसके बाद "योगी मॉडल" की चर्चा भी पूरे देश में होने लगी है। योगी मॉडल ऑफ गवर्नेंस के मुख्य बिंदु क्या हैं ?
उत्तर-अदरणीय प्रधानमंत्री जी के मूलमंत्र ‘सबका साथ सबका विकास ’ के साथ ही सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन’ के मूल मंत्र को लेकर प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। हमने बिना किसी भेदभाव के केंद्र और प्रदेश की सारी योजनाओं को लागू किया है। हमने जीवन और जिविका' दोनों को सुरक्षित- संरक्षित करनेकी भावना के साथ प्रदेश में आंशिक कोरोना कर्फ्यू लागू किया। जिसके कारण कोरोना महामारी की दूसरी लहर में भी उद्योगों का पहिया चलता रहा, इस बीच हमने किसानों और जरूरतमंदों का भी पूरा ख्याल रखा। हमने प्रदेश केहेल्थ इंफ्रास्टक्चर में सुधार किया है। कोरोना महामारी के मुकाबले के लिए प्रदेश में माइल्ड, सीवियर और क्रिटिकल मरीजों के लिए एल-1, एल-2 और एल-3 अस्पताल तैयार किए। उपचार के दौरान जरुरी दवा, ऑक्सीजन, चिकित्सीय उपकरण व मैनपॉवर की समस्याओं का युद्ध स्तर पर निराकरण किया गया। प्रदेश में पौने 2 लाख आसोलेशनबेड, सवा लाख आई.सी.यू./एच.डी.यू.बेडतैयार किए गए। सभी सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों में कोविड इलाजपूर्णतः नि:शुल्क उपलब्धकराया गया है। आज पूरे प्रदेश में कहीं भी ऑक्सीजन की कमी नहीं है और जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता होती थी, वहीं आज लगभग एक हजार मैट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की अपूर्ति हो रही है। उत्तर प्रदेश पहला प्रदेश है, जिसने बाकायदा ऑक्सीजन कंट्रोलरूम स्थापित किया और एक विशेष ऐप के जरिए जिलावार अपूर्ति निर्धारित की तथाहमने सबसे पहले ऑक्सीजन के ऑडिट को प्रारंभ कराया ताकि ऑक्सीजन का अधिकतम सदुपयोग हो सके। कोविड प्रबंधन से जुड़े कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए प्रदेश में 09 सदस्यीय टीम का निर्माण कर शीर्ष अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कर जवाबदेही भी सुनिश्चित की गई। इसी तर्ज पर हमने जिलों में भी टीम का गठन किया। जिलों कोसैक्टर में बांटा गया और फिर प्रत्येक सैक्टर हेतु प्रभारी मजिस्ट्रैट नियुक्त किए गए। हमने कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए ट्रैस, ट्रैस्ट और ट्रीट पर पूरा जोर दिया है। इसके लिए इटींग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सैंटर (आई.सी.सी.सी.) और कंटैनमेंट की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश के 97 हजार से अधिक गांवों में 73 हजार से अधिक निगरानी समितियों के 04 लाख सदस्यों द्वारा घर-घर स्क्रीनिंग और 7,761 रैपिड रिस्पॉन्स करने वाली प्रशिक्षित टीमों के सहयोग से कोरोना की चैन तोड़ने का निर्णायक प्रयास किया गया। इन समितियों ने लक्षणयुक्तव्यक्ति की टैस्टिंग के साथमरीजों को मैडिकल किट उपलब्ध कराने के साथ ही गांवों में बाहर से आने वालों पर भी नजर रखी। हमने हर जिले में 24 घंटे सक्रिय रहने कंट्रोल सेंटरस्थापित किए। इनकंट्रोल सैंटर की मददसे लक्षणयुक्त लोगों की टैस्टिंग, अस्पताल में भर्ची, होमआसोलेशन में दवा वितरण, मरीज को एम्बुलेंससमेत कोविड पोर्टल पर सूचनाओं को अपडेट करने, सर्विलांस और निगरानी टीमों की मॉनीटरिंग जैसे जरूरी कायों को अंजाम दिया गया। आज उत्तर प्रदेश, देश में सबसे ज्यादा जांच (5,98,48,583) करने वाला इकलौता राज्य है। इन प्रयासों के चलते प्रदेश में एक्टिव केस घटकर 1,789 रह गए हैं।

प्रश्न- विधानसभा चुनाव में तकरीबन 6 महीने का वक्त बचा है और इधर कोरोना के तीसरे लहर की आहट भी सुनाई दे रही है, इन दोनों चुनौतियों से निपटने के लिए आप क्या योजना बना रहे हैं? 
उत्तर- सरकार पूरी तरह सजग है, हमने हेल्थ एक्सपर्ट की एकटीम भी बनाई है और लगातार उनके साथ चर्चा जारी है। संभावित तीसरी लहर से बच्चों को खतरे के दृष्टिगत प्रदेश में हमने प्रो-एक्टिवनीति के तहतबचाव और रोकथामकी तैयारियां कीहैं। सभी मैडिकल कॉलेजों में बच्चों के लिए 100 बेड का आ.ई.सी.यू. तैयार हैं, जिला अस्पतालों और सी.एच.सी. में मिनी पीकू तैयार किए गए हैं। यहां तक कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीहमारी सरकार की प्रो-एक्टिवनीति की प्रशंसाकी है। आप देखेंगे कि दूसरी लहर पर काफी हद तक नियंत्रणके बाद भी प्रदेश सरकार स्वच्छता, सैनीटाइजेशन, और फॉगिंग अभियान कोलगातार जारी रख रही है। मानसून के कारण जलभराव से उत्पन्न इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया, डेंगू अदि बीमारियों के प्रसार की अशंका को देखते हुए स्वच्छता, सैनिटाइजेशन औरफॉगिंग का कार्य और तेज किया गया है। इस पूरे संकटकाल में विपक्ष लोगों की सेवा और मदद पहुंचाने के बजाय सिर्फ राजनीति करता रहा। ए.सी. कमरों में बैठकर ट्विटर पर भ्रामक बयानबाजी से सतही राजनीति कर लोगों के बीच भ्रम फैलाया गया। आप सबने देखा कि कैसे तरह- तरह के टूल किट सामने आए, जिसमें देश और प्रदेश को बदनाम करने का षड्यंत्र किया गया। हमने इन तमाम साजिशों को ध्वस्त किया है। जनता के अशीर्वाद से हमवैश्विक अपदा के साथ देश के अंदर छिपे देश के शत्रुओं से भी मुक़ाबला कर रहे हैं। हमारी पहली प्राथमिकता संकट काल में प्रदेश के लोगों की अधिक से अधिक मददऔर सेवा करने की है। हमें अत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के सपने को साकारकरना है। प्रदेश सरकार अपने संकल्पपत्र में किए गए वादों को भी पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। हम अपनी सरकारके 5 साल के कामकाज को लेकर जनता के बीच जाएंगे।

प्रश्न - कोविड दौरों के बाद अब आप जिलों कीविकास सम्बन्धी योजनाओं कीसमीक्षा के लिए एक बारफिर से ग्राउंड जीरोपर उतर चुके हैं, अपने हाल ही में गोरखपुर से बलिया, बनारस के साथ तमाम जिलों का दौरा किया,क्या लगता है ग्राउंड पर आपकी 4 वर्षों की मेहनत रंग लाई है? 
उत्तर- देखिए मैं खुद भी कोरोना संक्रमित रहा हूं। मुझे उस पीड़ा का अनुभव है, इसलिए ठीक होते ही मैंने जिलों का दौरा करना शुरु कर दिया। जनता के बीच जाने का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों से मिलना उनका कुशल क्षेम जानने के साथ जनता को यह विश्वास दिलाना कि इस महामारी में सरकार उनके साथ खड़ी है। हमारा मकसद जनता को कहीं किसी प्रकार की कोई समस्या आ रही हो तो स्थानीय जन प्रतिनिधियों की मदद से सभी अड़चनों और दिक्कतों को दूर करना था। हर जनप्रतिनिधि का कर्तव्य बनता है। धरातल पर जनता से संवाद कर लोगों से उन तमाम व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लें कि जो शासन की ओर से लोगों की मदद के लिए बनाइ गईं हैं, वह उन्हें मिल रही हैं या नहीं ? पीड़ितों तक मैडिकल किट पहुंची या नहीं? गांव में विवधित स्वच्छता अभियान, सैनेटाइजैशन हो रहा है या नहीं? साथ ही हमारे स्थानीय जनप्रतिनिधियों से व्यस्थाओं का फीड बैक भी लेना आवश्यक है। जनता ने हमें प्रदेश की सेवा करने काजनादेश दिया है। जनता जनार्दन के प्रति हमारी जवाबदेही बनती है, यही तो लोकतन्त्र की अनूठी विशेषता है।

प्रश्न - उत्तर प्रदेश में 100 फीसदी कोरोना वैक्सीनेशन को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है?
उत्तर- उत्तर प्रदेश 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के नि:शुल्क टीकाकरण की घोषणा करने वाला देश का पहला राज्य है। देश में उत्तर प्रदेश ने टीकाकरण का सभी रिकार्ड तोड़ दिया है। तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए प्रदेश में महिलाओं, मीडिया कर्मियों , न्यायालय, सरकारी कर्मचारी, रेहड़ी पटरी व्यवसायियों, फल, सब्ज़ी दूध विक्रेताओं के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, साथ ही इनके लिए अलग- अलग बूथ भी बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों के लिए अभिभावक स्पेशल बूथ बनाए गए हैं। प्रदेश सरकार दिसम्बर तक 18 वर्ष से अधिक आयु केसभी प्रदेश वासियों को टीका लगाने की प्रक्रिया पूर्ण कर लेने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। शहर के साथ गांवों में बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्य पंचायत घरों या स्कूलों में हो रहा है। जून तक हर रोज 7 लाख से अधिक, जुलाई से रोजाना 10 से 12 लाख टीका लगाने कालक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। यहीं नहीं अगस्त में रोजाना 12 लाख से 20 लाख लोगों को टीका लगाने की तैयारी है। प्रदेश में टीकाकरण केंद्रों को बढ़ाकर 8500 से 10,000 किया गया है। अब तक 3 करोड़ 58 लाख से अधिक लोगों को टीके की डोज दी जा चुकी है। जन जागरण के उद्देश्य से सी.एम.हेल्पलाइन रोजाना औसतन 45 हजार लोगों को फोन कर रही है, हेल्पलाइन लगातार लोगों से पहली डोज और दूसरी डोज का टीका लगवाने की अपील कर रही है। 

प्रश्न -2017 में जब अपने मुख्यमंत्री का पद संभाला था तब उत्तर प्रदेश का ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट 14 लाख 45 हजार 770 करोड़ रुपए था। 2021 में उत्तर प्रदेशका ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट 21 लाख 73 हजार 990 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट किया गया है। उत्तर प्रदेश के ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट में 4 साल में अपने इतनी बड़ी उछाल कैसे हासिल कर ली। अखिर अपने ऐसा क्या जादू कर दिया कि उत्तर प्रदेश का स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट में इतना इजाफा हो गया?
उत्तर- पिछली सरकारों के दौरान निवेशकों का विश्वास प्रदेश सरकार से उठ चुका था। प्रदेश में धार्मिक उन्माद , जातिवाद और परिवारवाद चरम पर था। सत्ता संभालते ही हमारा पहला उद्देश्य था कि वर्षों से उपेक्षित पड़े प्रदेश को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाए। इसके लिए यह जरूरी थाकि हम प्रदेश में अच्छी कानून व्यवस्था, सामाजिक समरसता और निवेशकों के लिए उचित पर्यावरण विकसित करें। इसके लिए हमने मूलभूत ढांचे को विकसित करने, रोजगार परक उद्योगल गाने और सरकारी योजनाओं कालाभ जन- जन तक पहुंचाने के लिए तमाम योजनाएं शुरु की। वर्ष 2018 में हमने इनवेस्टमेंट समिट अयोजित किया। इस समिट में 4.68 लाख करोड़ रुपए केनिवेश प्रस्ताव आए। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि इनमें से 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। इसी दौरान हमें कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का सामना करना पड़ा। जिसमें हमने लोगों तक मूलभूत स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं पहुंचाई, साथ ही विकास की गति को धीमें नहीं होने दिया। इसी अवधि में हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर आत्मनिर्भर यूपी की परिकल्पना को साकार किया। समय की जरुरत को समझते हुए हमने एम.एस.एम.ई. सैक्टर कोप्रदेश का ग्रोथ इंजन बनाया और लघु एवं मध्यम उद्योग के माध्यम से 1 करोड़ 80 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मुहैया कराया है। यह हमारी नीतियों की सफलता ही है कि कोरोना काल में भी लगभग 50,000 करोड़ रुपए कानिवेश यू.पी.में आया। जिसमें सैमसन, माइक्रोसाफ्ट, अईकिया जैसी बड़ी विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं। यह कोई आश्चर्यकाविषय नहीं होना चाहिएकि प्रदेशके अर्थिक प्रबंधनके कारण हमारा प्रदेश देश में ईजऑफडूइंग बिजनेस में 14वें स्थानसे छलांग लगाकर दूसरे स्थान पर पहुंचगया है। सकल राज्य घरेलू विकास दर में प्रदेश पांचवे स्थानसे दूसरे स्थान पर आगया है। जब हमने राज्यकी सत्ता संभाली थी तब सकल घरेलू ईत्पाद (एस.जी.डी.पी.) 12,88,700 करोड़रुपए थी। 2020-2021 में यह बढ़कर 17,05,593 करोड़रुपए हो गई है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद का 8.7 प्रतिशत है। इस लिहाज से यू.पी.देश में दूसरे स्थान पर है। हमें विकास को जन- जन तक पहुंचाना तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डालर तक ले जाना है। अब हम सब मिलकर प्रदेश को एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था की तरफले जा रहे हैं। 

प्रश्न - अपकी छवि खूंखार अपराधियों को सबक सिखाने वाले राजनेता की बन गई है। अपके 4 साल के शासन में पुलिस ने उत्तर प्रदेश में 7500 से ज्यादा एनकाउंटर किए, जिसमें 132 अपराधी मारे गए। इस नीति से क्या संगठित अपराध पर नकेल कसी जा सकी है? 
उत्तर- उत्तर प्रदेश को पहले अराजकव दंगे वाला प्रदेश कहा जाता था। हमारी सरकार बनने के बाद4 साल में यू.पी. में एक भी दंगा नहीं हुआ है। बीते 4 साल में प्रदेश के विभन्न जनपदों में हुई पुलिस मुठभेड़में135 अपराधी मारे गए। गैंगस्टर अधिनियम के तहत 12 ,032 मुकद्दमें दर्ज किए गए और 37,511 से ज्यादा अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गयाहै। वहीं भू माफियाओं की 1000 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। उपद्रव करने वाले दंगाइयों के पोस्टर चौराहे पर लगाए गए। लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नर व्यस्था लागू की गई है। महिलाओं के खिलाफ होनेवाले अपराध परअंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो स्वायड के गठन के साथ प्रदेश के 1535 थानों परमहिला हेल्पडैस्क की स्थापना की गई है। आप फर्क महसूस करेंगे कि आज प्रदेश में हर पर्व व त्यौहार शांति पूर्वक मनाया जाता है। कुंभ में 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई और सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे। उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण तरीके से निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं। यू.पी. में आज सकारात्मक माहौल और अपराधियों में भय है। हमने अपराधियों औरभू माफियाओं की 1000 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं। भूमाफिया के कब्जे से जमीनें छुड़ाई गईं हैं और उन पर विकासके काम किए जा रहे हैं। पुलिस और जनता के बीच परस्पर विश्वास और भरोसा बढ़ा है। यही कारण है कि प्रदेश में अपराधिक मामलों में कमी आई है।

प्रश्न - आप किन 5 कामों को अपने शासन की 5 सबसे बडी उपलब्धि मानते हैं? 
उत्तर- हमने बीते 4 वर्षों से अधिक के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक सेवा करने का कार्य किया है। हम राज करने नहीं प्रदेश की बेहतरी के लिए काज करने अए हैं। प्रदेश की 24 करोड़ जनता ही मेरा परिवार है। इस परिवार के लिए मेरे 24 घंटे समर्पित हैं। 5 नहीं ऐसे अनेकों काम हैं. जिन्होंने प्रदेश को देश में अव्वल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमने 4 साल पहले रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के मंत्र के साथ प्रदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया था। प्रदेश सरकार लगातार इस ओर पूरीनिष्ठा के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश आज देश कीसबसे बड़ी अर्थव्यवास्था वाले राज्य बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। बीते 4 सालों हमने प्रदेश को बीमारू राज्य की पहचान से बाहर निकालकर प्रदेश को एक समृद्ध और सक्षम प्रदेश बनाने पर जोर दिया है। आज लोगों की यू.पी. के प्रति धारणा बदली है और सकारात्मक माहौल बना है। राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है, बेरोजगारी की दर में कमी आई है। हमने प्रदेश रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है। सालों में हमने 4 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं। वहीं 5 लाख युवाओं को स्वरोजगार मुहैया कराया गया जबकि अन्य राज्यों से आए 40 लाख से अधिक श्रमिकों, कामगारों की स्किल मैपिंग कर रोजगार से जोड़ागया। एम.एस.एम.ई.के माध्यम से 1 करोड 80 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। मनरेगा के तहत 100 करोड़ से उपर  मानव दिवस सृजित कर 1.50 करोड़ श्रमिकों को रोजगार दिया गया। प्रदेश में लगभग 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। कोरोना जैसी विषम परिस्थिति में भी लगभग 50,000 करोड़ रुपए का निवेश यू.पी.में आया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में दोगुनी वद्धि हुई है। इन सुधारों के चलते ईज अफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश देश में दूसरे स्थानपर पहुंचा है। 4 साल पहले जो गांव , गरीब ,किसान, नौजवान और महिलाएं सरकारों की प्राथमिकता से बाहर थे आज वह राजनीति केंद्र में हैं। हमने किसानों के उत्थान के लिए उनकी आय में दोगुना वृद्धि के लिए गंभीरता के साथ किया है। हमने प्रदेश में 2.61 करोड शौचालय तैयारकिए जिसका लाभप्रदेश के 10 करोड़ से ज्यादालोगों को मिला है। जिला मुख्यालयों में 10 घंटे बिजली और तहसील मुख्यालय पर 22 घंटे बिजली की सुविधा दी जा रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली पहुंचाने का काम सरकार कर रही है। प्रदेश में सड़क, रेल,हाई कनेवक्टविटीबढ़ाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।वाराणसी मेंहल्दिया तक 15 कि.मी. राष्ट्रीयजलमार्गकीशुरूअत की जा चुकी है,जल्द ही इसेप्रयागराज तक बढ़ाने की योजना है। पूर्वमेंजहां प्रदेश में मात्र दो एक्सप्रेस-वे संचालित थे।आज प्रदेशमें 5 एक्सप्रेस-वे बन रहेहैं। बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वेकेनिर्माण कार्य 90 फीसदी पूर्ण हो गएहैं। गोरखपुर लिंक एक्सप्रैस 92 कि.मी. और बलिया लिंकएक्सप्रैस के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी हैं। गंगा एक्स्प्रैस-वेपरजमीन अधिग्रहणकार्य जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के अंदर 5अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बन रहेहैं और 10 शहरोंमें मैट्रो पर काम जारी है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशलनेतृत्व में केंद्रऔर प्रदेश ने साथ मिलकर कार्य है जिसके चलते राज्यने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।

प्रश्न - विधानसभाचुनाव से पहलेपंचायत चुनाव में विपक्षके मंसूबे पर आप ने पानीफेर दिया, पंचायत चुनाव के नतीजों को लेकरअप क्या कहेंगे? अखिलेश यादव कह रहे हैं कि यह सत्ताका दुरुपयोग है?
उत्तर- पंचायत चुनाव स्थानीय मुद्दों के लेकर लड़ा जाता है। हमारी सरकार ने गांव, गरीब, किसानोंऔर नौजवानों के हित में लगातार काम किया है। मैं स्वयं गांव में गया वहां की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया। गांव के जन प्रतिनिधियों व निगरानी समितियों के साथ बैठक की। केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को प्रदेश में हमने धरातल पर सफलता पूर्वक लागू किया है। इन सभी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्रदेश के ग्रामीण इलाकोंको मिल रहा है। हमारा हमेशा से यही मानना है कि गांव की उन्नति से हीप्रदेश की उन्नति जुड़ी है। प्रदेश के अन्नदाता का भरपूर समर्थन हमारे साथ है। आप देखेंगे कि जिन-जिन जिलों में किसान अंदोलन की सुगबुगाहट है, वहां भी भाजपा ने जोरदार जीत दर्ज की है । 2022 में भी यही नतीजेफिर से आप सबकेसामने अएंगे। पंचायत चुनाव में भाजपा के ज्यादातरग्राम प्रधान जीते हैं । बड़े पैमाने पर भाजपा के क्षेत्रपंचायत के सदस्य जीते हैं। किसान अंदोलनके केंद्र बिंदु रहे मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, संभल, अमरोहा, बागपत, मुरादाबाद, हापुड़, गाजियाबाद में अकेले बागपतको छोडकर बाकी सभी सीटें भाजपा ने जीतीं हैं। अगर हमारे साथ समर्थन नहीं होतातो हमें भी सपा की तरह न तो कैंडिडेट मिलते और न ही प्रस्तावक । सपा के गढ़ में भी भाजपा को व्यापकजनसमर्थन मिला है। अखिलेश जी को अपना कार्यकाल नहीं भूलना चाहिए, सत्ता के बल पर माफियाओं को संरक्षण देकर प्रदेश में अराजतका फैलानासत्ता का दुरुपयोग होता है। हार की बौखलाहट में अखिलेश जी और उनके पार्टीकेलोग इस प्रकार के अनर्गल बयान देतेरहते हैं। पूर्व में भीअखिलेश जी वैक्सीन को लेकरबचकाना बयान दिया था जिसकी चहुं ओर निंदा हुई। ऐसे बयानों से अखिलेश ही नहीं समाजवादी पार्टी की छवि भी धूमिल होती है।

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