Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Jan, 2026 09:03 AM

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां सरकारी अफसरों और पुलिस विभाग लगातार लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने की जागरूकता दे रहे हैं, लेकिन जालसाज लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार....
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां सरकारी अफसरों और पुलिस विभाग लगातार लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने की जागरूकता दे रहे हैं, लेकिन जालसाज लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला रिटायर्ड सरकारी अफसर अमरजीत सिंह (73) का है, जिन्हें साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के झांसे में फंसाकर 90 लाख रुपए ठग लिए।
ठगी का तरीका
अमरजीत सिंह कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी में रहते हैं। बताया गया है कि बीते 1 दिसंबर से 24 दिसंबर तक ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा। 1 दिसंबर को ठगों ने अमरजीत सिंह को वीडियो कॉल किया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम सेल का अफसर गिरीश कुमार बताया। ठग ने दावा किया कि अमरजीत सिंह के बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत हुई है। “अगर आपने जवाब नहीं दिया, तो मुंबई साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।” इसके बाद ठगों ने व्हाट्सएप पर कोर्ट का वारंट भेजकर धमकाया और बैंक खातों की जानकारी ले ली।
बेटे ने उठाया सवाल, हुआ मामले का खुलासा
अमरजीत सिंह के बैंक खातों से लगभग 90 लाख रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। 25 दिसंबर की शाम, अमरजीत के बेटे अमरप्रीत सिंह को शक हुआ। बेटे ने पिता से पूछताछ की और तभी पूरा मामला उजागर हुआ। इसके बाद यूपी साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और अब तक 15 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
यूपी पुलिस ने जागरूकता के लिए जारी किया वीडियो
इस मामले के बाद यूपी पुलिस ने साइबर जागरूकता का वीडियो जारी किया। वीडियो में अभिनेता नाना पाटेकर ने भूमिका निभाई है। इसमें दिखाया गया है कि नाना पाटेकर के रूप में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को साइबर ठग फंसाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जागरूक नाना पाटेकर ठगों को ही ठग देते हैं।
वीडियो का संदेश
“कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल के जरिए गिरफ्तारी नहीं करती। ऐसे कॉल तुरंत काटें और हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।”