Magh Mela 2026: संगम तट पर आस्था का सैलाब! पौष पूर्णिमा पर मुख्य स्नान जारी, 44 दिन में 15 करोड़ श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद

Edited By Anil Kapoor,Updated: 03 Jan, 2026 08:49 AM

a wave of faith surged on banks of sangam main bath continued on paush purnima

Magh Mela 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले का भव्य आगाज हो चुका है। पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। यह मेला केवल...

Magh Mela 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले का भव्य आगाज हो चुका है। पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, संस्कृति और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था का अद्भुत उदाहरण भी है। प्रशासन श्रद्धालुओं के स्वागत और सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

छह प्रमुख स्नान पर्व
माघ मेले के दौरान कुल छह प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे:
- 3 जनवरी
- 14 जनवरी
- 18 जनवरी
- 23 जनवरी
- 1 फरवरी
- 15 फरवरी

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रेलवे और होल्डिंग एरिया की विशेष तैयारी
- वाराणसी से प्रयागराज के बीच 5 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
- कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों के आने का अनुमान है।
- होल्डिंग एरिया में बैठने, जनरल टिकट, इमरजेंसी दवाइयों, एलईडी स्क्रीन और सीसीटीवी की व्यवस्था की गई है।

महाकुंभ मॉडल पर पांटून पुल और वन-वे व्यवस्था
- संगम क्षेत्र में 7 पांटून पुल और फाफामऊ क्षेत्र में 2 अतिरिक्त पुल बनाए गए हैं।
- सभी पुल दिशा-विशेष के अनुसार आरक्षित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनी रहे।

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सुरक्षा और निगरानी
- मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी थाने और 42 चौकियां बनाई गई हैं।
- प्रमुख मार्गों और घाटों पर बैरिकेडिंग, वॉच टावर, सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी।
- यातायात व्यवस्था के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।

यातायात और परिवहन सुविधा
- श्रद्धालुओं के लिए 3800 रोडवेज बसें, 75 ई-बसें और 500+ ई-रिक्शा तैनात।
- शहर और मेला क्षेत्र में रंग-बिरंगे संकेतक बोर्ड और हेल्प डेस्क स्थापित।
- अग्नि सुरक्षा के लिए 17 फायर स्टेशन, सफाई के लिए 3300 सफाईकर्मी तैनात।

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कल्पवास और प्रथम पुण्य स्नान
- पौष पूर्णिमा से कल्पवासियों का व्रत आरंभ।
- आचार्य चौक, दंडीवाड़ा, खाक चौक, तीर्थ पुरोहितों और प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर तैयार।
- प्रथम पुण्य स्नान के साथ संगम तट पर आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखा जा रहा है।

सात सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र और टेंट सिटी
- मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया।
- महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी विकसित।
- करीब 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले मेले में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार।
- रात में संगम क्षेत्र अत्यंत आकर्षक, नावों पर एलईडी लाइट, रंग-बिरंगे फव्वारे और कलर-कोडेड चेंजिंग रूम।

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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- मेला क्षेत्र में 10,000+ पुलिसकर्मी तैनात।
- एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) की दो टीमें मोर्चा संभाल रही हैं।
- प्रमुख स्नान पर्वों पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस स्नाइपर तैनात।
- पुलिस, पीएसी, पैरामिलिट्री, आरएएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों की टीम भी सुरक्षा में जुटी।

श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की भीड़
- 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आने की संभावना।
- करीब 20 लाख कल्पवासी 3 जनवरी से 1 फरवरी तक संगम तट पर रहेंगे।
- माघ मेले का यह आयोजन आस्था, परंपरा और आधुनिक प्रबंधन का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है।

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