Edited By Umakant yadav,Updated: 20 Aug, 2021 10:48 AM

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दो गोंड उपजातियों नायक और ओझा को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश को खारिज कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने नायक जनसेवा...
प्रयागराज: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दो गोंड उपजातियों नायक और ओझा को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने के उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश को खारिज कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने नायक जनसेवा संस्थान द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उत्तर प्रदेश सरकार जातियों को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में अधिसूचित नहीं कर सकती क्योंकि यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत केंद्र सरकार के पास है। राज्य सरकार ने 15 जुलाई, 2020 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार के 15 जुलाई, 2020 के आदेश को खारिज कर दिया।