Edited By Anil Kapoor,Updated: 10 Jan, 2026 12:41 PM

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा परिषद ने दो मदरसों की मान्यता निलंबित करने का बड़ा फैसला लिया है। इनमें सबसे चर्चित मामला आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम का है। यह मदरसा 78 साल पुराना है और इसे अनुदानित मदरसा......
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा परिषद ने दो मदरसों की मान्यता निलंबित करने का बड़ा फैसला लिया है। इनमें सबसे चर्चित मामला आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम का है। यह मदरसा 78 साल पुराना है और इसे अनुदानित मदरसा माना जाता है।
मदरसा पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप
मदरसा बोर्ड के अनुसार, इस मदरसे के सहायक शिक्षक शमसुल हुदा खान पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में पाया गया कि शमसुल हुदा ब्रिटेन के नागरिक हैं और 2007 से वहीं रह रहे हैं। इसके बावजूद वे मदरसे से वेतन और अन्य लाभ ले रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि शमसुल हुदा 5 साल 7 माह और 3 दिन तक अनुपस्थित रहे, जिसमें नियमों के विरुद्ध 502 दिन का चिकित्सीय अवकाश भी स्वीकार किया गया। विदेश में रहते हुए उन्हें वेतन, पेंशन, जीपीएफ और अन्य लाभ दिए गए।
मदरसा परिषद का बयान
मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने बताया कि मदरसा प्रबंधन ने शमसुल हुदा को अवैतनिक अवकाश और चिकित्सा अवकाश के नाम पर अनियमित रूप से अनुपस्थिति की अनुमति दी। विदेश में रहने के बावजूद वेतन और अन्य लाभ जारी करना राजकोष को वित्तीय नुकसान पहुंचाने वाला संगठित कृत्य माना गया। मदरसा परिषद ने कहा कि सेवा नियमावली और वित्तीय अनुशासन का उल्लंघन होने के कारण मदरसे की मान्यता निलंबित की गई है। परिषद ने अन्य मदरसों में भी जांच तेज करने और वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने का फैसला लिया है।