Edited By Purnima Singh,Updated: 09 Jan, 2026 07:24 PM

शनि ढैय्या जीवन का ऐसा दौर माना जाता है, जो व्यक्ति की धैर्य, संयम और कर्मठता की परीक्षा लेता है। यदि इस समय सही कर्म किए जाएं और संयम बनाए रखा जाए, तो यह जीवन में तरक्की और सफलता का कारण भी बन सकता है। ज्योतिष के अनुसार, यह अवधि लगभग ढाई साल (2 साल...
Horoscope : शनि ढैय्या जीवन का ऐसा दौर माना जाता है, जो व्यक्ति की धैर्य, संयम और कर्मठता की परीक्षा लेता है। यदि इस समय सही कर्म किए जाएं और संयम बनाए रखा जाए, तो यह जीवन में तरक्की और सफलता का कारण भी बन सकता है। ज्योतिष के अनुसार, यह अवधि लगभग ढाई साल (2 साल 6 महीने) की होती है, जिसमें व्यक्ति को कई तरह की चुनौतियों और परीक्षा से गुजरना पड़ता है। विशेष तौर पर सिंह और धनु राशि वाले इस समय राहत की उम्मीद कर सकते हैं। लंबे समय से चल रही परेशानियों और कठिन परिस्थितियों के बाद इन राशियों के लिए हालात धीरे-धीरे अनुकूल होने लगेंगे।
शनि ढैय्या से कब मिलेगी राहत?
ज्योतिषियों का कहना है कि 2026 के दौरान शनि की चाल में बदलाव के कारण सिंह और धनु राशि वालों पर शनि ढैय्या का प्रभाव कम होने लगेगा।
सिंह राशि:
शनि ढैय्या से राहत 3 जून 2027 से मिलने लगेगी। हालांकि, यह राहत स्थायी नहीं होगी। 20 अक्टूबर 2027 से 23 फरवरी 2028 तक शनि ढैय्या का प्रभाव फिर से रहेगा।
धनु राशि:
धनु राशि वालों को पूर्ण रूप से शनि ढैय्या से मुक्ति 23 फरवरी 2028 को मिलेगी।
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शनि ढैय्या क्या होती है?
शनि ढैय्या तब लगता है जब शनि ग्रह किसी राशि से एक राशि आगे (द्वितीय भाव) या बारहवीं राशि (द्वादश भाव) में गोचर करता है।
शनि ढैय्या में ये परेशानियां होती हैं...
इस समय व्यक्ति को मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है, काम में रुकावटें आती हैं, मानसिक तनाव और धैर्य की परीक्षा होती है, फैसले सोच-समझकर लेने पड़ते हैं। ज्योतिष के अनुसार यह समय सजा नहीं, बल्कि कर्मों का फल होता है।
23 फरवरी 2028 के बाद 'गोल्डन पीरियड'
ज्योतिषियों के अनुसार, 23 फरवरी 2028 के बाद सिंह और धनु राशि वालों के लिए समय अत्यंत शुभ रहेगा। इसे 'गोल्डन पीरियड' कहा जा रहा है। इस अवधि में करियर में तरक्की और नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, मान-सम्मान और पहचान बढ़ेगी और रुके हुए काम पूरे होंगे।
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शनि ढैय्या के प्रभाव को कम करने के उपाय
*ईमानदारी और मेहनत से काम करें।
*शनिवार को जरूरतमंदों को दान दें।
*संयम और धैर्य बनाए रखें।
*बुजुर्गों और गरीबों का सम्मान करें।