कड़ी सुरक्षा में PGI से देवरिया जेल लाए गए पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर, सीने में दर्द के बाद इलाज; धोखाधड़ी केस में अब भी बंद

Edited By Anil Kapoor,Updated: 10 Jan, 2026 01:54 PM

former ips officer amitabh thakur brought to deoria jail from pgi

Deoria News: पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को बीते शुक्रवार रात लखनऊ के पीजीआई अस्पताल से देवरिया लाया गया। हालत में सुधार होने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच देवरिया जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया गया है। अमिताभ ठाकुर पिछले एक महीने से...

Deoria News: पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को बीते शुक्रवार रात लखनऊ के पीजीआई अस्पताल से देवरिया लाया गया। हालत में सुधार होने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच देवरिया जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया गया है। अमिताभ ठाकुर पिछले एक महीने से धोखाधड़ी के एक मामले में देवरिया जेल में बंद हैं और अभी तक उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है।

6 जनवरी को बिगड़ी थी तबीयत
6 जनवरी की रात अचानक अमिताभ ठाकुर की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पहले उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ पीजीआई भेजा गया। पीजीआई में इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ, जिसके बाद शुक्रवार रात उन्हें वापस देवरिया जेल भेज दिया गया।

धोखाधड़ी के केस में जेल में बंद हैं अमिताभ ठाकुर
अमिताभ ठाकुर साल 1999 में देवरिया के पुलिस अधीक्षक (SP) रह चुके हैं। उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। आरोप है कि देवरिया के पूरवां स्थित औद्योगिक क्षेत्र में उन्होंने अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर एक प्लांट आवंटित कराया था, लेकिन दस्तावेजों में नाम बदलकर नूतन देवी और अमिताभ ठाकुर की जगह अजिताभ दर्ज कर दिया गया था। इस मामले में सितंबर महीने में लखनऊ के तालकटोरा थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को 9 दिसंबर को दिल्ली जाते समय शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया था। 10 दिसंबर को उन्हें देवरिया सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

जेल में किया था अनशन
जेल में बंद रहने के दौरान अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार सुविधाएं नहीं दी जा रहीं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी से जुड़ी CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की मांग को लेकर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी। बाद में कोर्ट से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन खत्म कर दिया।

कफ सिरप कांड को लेकर लगाए आरोप
अमिताभ ठाकुर ने दावा किया है कि उन्होंने कफ सिरप तस्करी मामले से जुड़े बड़े लोगों का नाम उजागर किया था। उनका आरोप है कि इसी वजह से उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पास इस मामले से जुड़े ठोस सबूत हैं और उन्हें जान का खतरा भी हो सकता है। फिलहाल अमिताभ ठाकुर का मामला देवरिया से लेकर लखनऊ तक चर्चा में बना हुआ है।

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