Edited By Purnima Singh,Updated: 10 Jan, 2026 12:53 PM

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही उजागर होने के बाद अब जिम्मेदार अफसरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस कमिश्नर ने प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाते...
कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही उजागर होने के बाद अब जिम्मेदार अफसरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस कमिश्नर ने प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक के बाद एक बड़े फैसले लिए हैं। इस क्रम में पहले डीसीपी का तबादला, फिर थानाध्यक्ष का निलंबन किया गया और अब एसीपी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके साथ ही भीमसेन चौकी प्रभारी को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
पॉक्सो एक्ट न लगाने पर कोर्ट की कड़ी फटकार
पीड़िता नाबालिग होने के बावजूद पुलिस ने शुरुआती एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ीं। इस गंभीर चूक को लेकर अदालत ने पुलिस को जमकर फटकार लगाई। चार दिन की देरी के बाद 9 जनवरी को पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज कराया गया।
ACP लाइन हाजिर, जांच टीम बदली
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने लापरवाही के आरोप में एसीपी पनकी शिखर कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, भीमसेन चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही मामले की जांच कर रहे विवेचक को भी हटा दिया गया है और नई टीम को जांच सौंपी गई है।
पीड़िता की शिकायत को किया गया नजरअंदाज
मामले में यह भी सामने आया कि 6 जनवरी को पीड़िता अपने भाई के साथ भीमसेन चौकी पहुंची थी। उसने दारोगा अमित कुमार और यूट्यूबर शिवबरन के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उस वक्त एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में जब पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, तब जाकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें : 'हमें रोजी कौन देता है... अल्लाह ताला', मदरसे की राह पर चल रहा पब्लिक स्कूल! नर्सरी के बच्चों में भरी जा रही धार्मिक कट्टरता, सपा MLC के स्कूल का देखें Video
आरोपी दारोगा को फरार होने का मौका
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी दारोगा अमित कुमार घटना की रात करीब 20 मिनट तक मौके पर मौजूद था। पुलिस ने उसकी गाड़ी भी बरामद कर ली थी, बावजूद इसके उसके घर दबिश नहीं दी गई। इसी लापरवाही के चलते आरोपी फरार हो गया।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
9 जनवरी को पीड़िता को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसने लगभग 30 मिनट तक पूरी घटना का बयान दर्ज कराया। इसके बाद कोर्ट ने उसे उसके भाई के सुपुर्द कर दिया। मुख्य आरोपी दारोगा अमित कुमार की तलाश में पुलिस ने गोरखपुर समेत कई जिलों में टीमें रवाना की हैं, हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।