Edited By Purnima Singh,Updated: 01 Mar, 2025 02:11 PM

उत्तर प्रदेश के तमात मुस्लिम परिवार ईसाई धर्म में परिवर्तित हो रहे हैं। मुस्लिम परिवारों में ईसाई मिशनरियों की घुसपैठ के कई मामले सामने आए हैं। फरवरी 2025 में सीतापुर के हरगांव, सिधौली के कटसरिया व कमलापुर में छह परिवारों ने ईसाई धर्म स्वीकार किया...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के तमात मुस्लिम परिवार ईसाई धर्म में परिवर्तित हो रहे हैं। मुस्लिम परिवारों में ईसाई मिशनरियों की घुसपैठ के कई मामले सामने आए हैं। फरवरी 2025 में सीतापुर के हरगांव, सिधौली के कटसरिया व कमलापुर में छह परिवारों ने ईसाई धर्म स्वीकार किया है। वहीं अंबेडकरनगर और सुल्तानपुर में 10 मुस्लिम परिवारों ने अपना धर्म परिवर्तित कर ईसाई धर्म स्वीकारा है। मुस्लिम परिवारों के युवा दाढ़ी की जगह क्लीन शेव रख रहे हैं। इतना ही नहीं इन परिवारों ने अपने घरों में ईसा मसीह की तस्वीर भी लगा ली है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह बदलाव चिंताजनक है। मिशनरियों का दखल बड़े टकराव का कारण भी बन सकता है।
धर्मांतरण से नट समाज पर संकट
ईसाई मिशनरियों की घुसपैठ से नट समाज के अस्तित्व पर गहरा संकट मंडरा रहा है। बलरामपुर, श्रावस्ती के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसने वाले नट समाज के अधिकतर लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। सभी को हर माहीने एक तय धनराशि मुहैया कराई जाती है। इनके बच्चों की शिक्षा और इलाज का भी प्रबंध है।
धर्मांतरण कर धूमधाम से मना रहे क्रिसमस
आईबी के पूर्व अधिकारी संतोष सिंह का कहना है कि धर्म परिवर्तन के मामले में गोरखपुर मंडल के नेपाल सीमा से सटे महराजगंज का बुरा हाल है। यहां की फरेंदा तहसील के जंगल जोगियाबारी में सैकड़ों करवल परिवारों ने धर्म परिवर्तन किया है। साथ ही मथुरानगर स्थित पूरा करवल टोला ने भी ईसाई धर्म को स्वीकार कर लिया है। ये लोग धूमधाम से क्रिसमस मनाते हैं। इन्हें बकायदा हर महीने आर्थिक मदद भी मिल रही है। इतना ही नहीं, इनके बच्चों को अच्छे कान्वेंट स्कूलों में पढ़ाने का खर्च भी मिल रहा है।