Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 21 Apr, 2022 09:49 AM

उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सलाहकार समिति ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर भरोसा दिलाया है कि सरकार जिस तरह से टीकाकरण एवं अन्य एहतियात को बरतते हुए अलर्ट मोड पर काम कर रही है, उसके कारण यह लहर ब...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सलाहकार समिति ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर भरोसा दिलाया है कि सरकार जिस तरह से टीकाकरण एवं अन्य एहतियात को बरतते हुए अलर्ट मोड पर काम कर रही है, उसके कारण यह लहर बहुत असरकारक नहीं रहेगी। कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित स्वास्थ्य सलाहकार समिति की बुधवार को हुयी बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि चौथी लहर में संक्रमण का स्वरूप नहीं बदलेगा। पिछली लहर की तरह ही ओमीक्रॉन वेरिएंट का असर कम खतरनाक रहने की उम्मीद है। समिति ने आगाह किया है कि इसकी संक्रमण दर तो तेज होगी, लेकिन मरीज के भर्ती होने या उसकी हालत अति गंभीर होने की स्थिति नहीं आयेगी।
संजय गांधी पीजीआई के निदेशक डॉ आरके धीमान ने बताया कि यूपी स्वास्थ्य सलाहकार समिति की इस बैठक में चौथी लहर को लेकर कई फैसले लिये गये। उन्होंने बताया कि संक्रमण की चौथी लहर से घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन कोविड गाइडलाइन का पालन, परीक्षण और टीकाकरण की बदौलत चौथी लहर से बचा जा सकता है। डॉ धीमान ने कहा कि संभवत: संक्रमण के मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हो,, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने अथवा मरीज के अति गंभीर होने की स्थिति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में तैयार किये गये मुख्य बिन्दुओं का एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य सलाहकार समिति ने आपस में विमर्श करके चौथी लहर के सम्बंध में विस्तृत रिपोटर् तैयार कर ली है।
डॉ. धीमान ने बताया कि टीकाकरण के कारण लोगों में हाडर् इम्यूनिटी पाई जा रही है। ऐसे में चौथी लहर में संक्रमण का हल्का फुल्का असर ही देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि मास्क, सैनिटाइजर और कोविड से जुड़ी सभी गाइडलाइन का पालन करने से ही चौथी लहर का प्रकोप कम देखने को मिलेगा।