Edited By Ramkesh,Updated: 01 Jan, 2026 07:38 PM

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने राज्य के 64 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर डिजिटल एक्स-रे मशीनों की स्थापना के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने राज्य के 64 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर डिजिटल एक्स-रे मशीनों की स्थापना के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों मरीजों को आधुनिक जांच सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी। श्री पाठक ने कहा कि डिजिटल एक्स-रे मशीनों की स्थापना से मरीजों को समय पर और सटीक जांच सुविधा मिलेगी। अब गंभीर बीमारियों की पहचान में होने वाली देरी कम होगी और मरीजों को जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को उनके घर के पास बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। योजना के तहत अलीगढ़ के 3, आजमगढ़ के 4, इटावा के 4 और कन्नौज के 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डिजिटल एक्स-रे मशीनें लगाई जाएंगी। इसके अलावा कानपुर नगर में 3, लखनऊ में सर्वाधिक 16 और मऊ में 4 डिजिटल एक्स-रे मशीनों की स्थापना की जाएगी। मुरादाबाद के 2, रायबरेली के 5, सम्भल के 3, सोनभद्र के 2 तथा सुल्तानपुर के 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
इसके साथ ही देवरिया, रामपुर, प्रयागराज, पीलीभीत, मेरठ, महराजगंज, महोबा, कौशाम्बी, हरदोई, बस्ती, बरेली और बलिया जनपदों के एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी डिजिटल एक्स-रे मशीनें स्थापित की जाएंगी। श्री पाठक ने कहा कि 'मरीजों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार आधुनिक बनाया जा रहा है।' उन्होंने बताया कि डिजिटल एक्स-रे से रिपोटर् तुरंत उपलब्ध होगी, इलाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और चिकित्सकों को सही निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।