Edited By Mamta Yadav,Updated: 01 Mar, 2023 01:50 AM

असलहों व जमीन के फर्जीवाड़े (Fraud of arms and land) के दो मामलों में माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) के विधायक बेटे (MLA Son) अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) को इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) की लखनऊ पीठ (Lucknow Peeth) से...
लखनऊ: असलहों व जमीन के फर्जीवाड़े (Fraud of arms and land) के दो मामलों में माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) के विधायक बेटे (MLA Son) अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) को इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) की लखनऊ पीठ (Lucknow Peeth) से राहत नहीं मिल सकी है। उच्च न्यायालय ने दोनों मामलों में आरोपी अब्बास की ओर से अलग-अलग दाखिल जमानत अर्जियों पर राज्य सरकार को उसके अपराधिक इतिहास के साथ जवाब पेश करने को चार हफ्ते का समय दिया है। अदालत ने साथ ही अर्जियों को तीन अप्रैल से शुरु होने वाले हफ्ते में सूचीबद्ध करने
का आदेश भी दिया है।
अब्बास अंसारी ने जमानत पर रिहा किए जाने का HC से किया था आग्रह
यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने मंगलवार को अब्बास की दो जमानत अर्जियों पर दिया है। इनमें उसने जमानत पर रिहा किए जाने का आग्रह किया था। अर्जियों का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आरोपी ने अपने खिलाफ नौ मुकदमे होने के आपराधिक इतिहास का कोई स्पष्टीकरण नहीँ दिया है। ऐसे में उसके पूरे आपराधिक ब्योरे के साथ जवाबी हलफ़नामा पेश करने को समय दिया जाय।
शूटर के नाम पर असलहे लेने में फर्जी वाड़ा
अभियोजन का कहना था कि अब्बास ने खुद को नेशनल शूटर बताकर प्रतिबंधित 10 असलहे लिए जबकि आम तौर पर एक ही शस्त्र लिया जा सकता था। इस तरह उसने शूटर के नाम पर असलहे लेने में फर्जी वाड़ा किया। इस केस की तफ्तीश एसटीएफ कर रही है। दूसरा मामला लखनऊ के जियामऊ में एक महिला से जमीन की वसीयत कराकर उसपर मकान बनाने का है। सरकारी वकील का कहना था कि इस मामले में भी आरोपी ने फर्जीवाड़ा किया।