Edited By Anil Kapoor,Updated: 09 Jan, 2026 10:28 AM

Agra News: महाराष्ट्र का रहने वाला 66 साल का एक कारोबारी समलैंगिक संबंधों की तलाश में आगरा पहुंचा था, लेकिन यहां आकर मामला विवाद और डर में बदल गया। बदनामी के डर से कारोबारी ने खुद के अपहरण और लूट की झूठी कहानी गढ़ दी। पुलिस जांच में कुछ ही घंटों में...
Agra News: महाराष्ट्र का रहने वाला 66 साल का एक कारोबारी समलैंगिक संबंधों की तलाश में आगरा पहुंचा था, लेकिन यहां आकर मामला विवाद और डर में बदल गया। बदनामी के डर से कारोबारी ने खुद के अपहरण और लूट की झूठी कहानी गढ़ दी। पुलिस जांच में कुछ ही घंटों में पूरा सच सामने आ गया। पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग कारोबारी महाराष्ट्र में कपड़े का व्यापार करता है। उसने एक गे-डेटिंग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल शुरू किया, जहां उसकी कुछ लोगों से दोस्ती हो गई। बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे ये दोस्ती समलैंगिक संबंधों तक पहुंच गई। इसके बाद सभी ने आगरा में मिलने का फैसला किया
होटल में ठहरा, अपनी मर्जी से घूमने निकला
कारोबारी आगरा पहुंचा और दरेसी इलाके के एक होटल में रुका। वहां उसका माहौल सामान्य और दोस्ताना था। वह अपनी मर्जी से उन्हीं लोगों के साथ होटल से बाहर निकला। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि वह किसी दबाव में नहीं था। इसके बाद सभी लोग कार से आगरा से हाथरस की ओर गए। रास्ते में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान कारोबारी से उसके खाते से 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। साथ ही उसकी अंगूठी और मोबाइल फोन भी ले लिए गए।
बदनामी के डर से गढ़ी झूठी कहानी
पैसों के नुकसान, डर और परिवार को सच्चाई पता चलने की आशंका के चलते कारोबारी घबरा गया। वह वापस आगरा लौटा और देर रात थाना एत्माद्दौला पहुंचकर पुलिस से शिकायत की। उसने दावा किया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया, लूटपाट की और फिर छोड़ दिया। मामला गंभीर होने के कारण डीसीपी सिटी अली अब्बास के निर्देश पर कई पुलिस टीमें बनाई गईं। सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, कॉल डिटेल्स और बैंक लेनदेन की जांच हुई।
जांच में खुला पूरा सच
जांच में सामने आया कि न तो कोई अपहरण हुआ था और न ही जबरदस्ती। कारोबारी खुद उन लोगों के साथ गया था। सबूत सामने आने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद कारोबारी ने पूरी सच्चाई कबूल कर ली। असल मामला समलैंगिक संबंधों, आपसी विवाद और डर से जुड़ा था, जिसे छिपाने के लिए पुलिस को गुमराह किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कारोबारी समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है। जिस बैंक खाते में 1.20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे, उसे फ्रीज कर दिया गया है। सभी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी सिटी अली अब्बास ने बताया कि जांच में अपहरण या लूट की कोई घटना नहीं पाई गई। यह पूरी तरह निजी संबंधों और विवाद का मामला था, जिसे झूठी शिकायत के जरिए छिपाने की कोशिश की गई।