गुलदार से भिड़ गई बेटी! गन्ने से किया पलटवार, खेत में घसीटे जा रहे पिता की ऐसे बची जान—बिजनौर में हैरान करने वाला मामला

Edited By Anil Kapoor,Updated: 08 Jan, 2026 01:27 PM

in bijnor a father s life was saved thanks to his daughter s bravery

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक दिल दहला देने वाली लेकिन साहस से भरी घटना सामने आई है। जहां एक बेटी की हिम्मत और सूझबूझ ने उसके पिता की जान बचा ली। गन्ने के खेत में गुलदार ने पिता पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटने लगा, लेकिन बेटी ने...

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक दिल दहला देने वाली लेकिन साहस से भरी घटना सामने आई है। जहां एक बेटी की हिम्मत और सूझबूझ ने उसके पिता की जान बचा ली। गन्ने के खेत में गुलदार ने पिता पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटने लगा, लेकिन बेटी ने बिना डरे गुलदार से मुकाबला किया और पिता को उसकी गिरफ्त से छुड़ा लिया।

गन्ने के खेत में अचानक हमला
यह घटना बिजनौर के शिवाला कलां थाना क्षेत्र के नाजरपुर मंडडयो गांव की है। जहां बुधवार शाम करीब 5 बजे 55 वर्षीय रफीक अहमद अपनी बेटी कैसर जहां के साथ खेत में पशुओं के लिए पत्तियां लेने गए थे। तभी खेत की झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गुलदार ने रफीक अहमद के पैर को अपने जबड़े में दबोच लिया और उन्हें गन्ने के खेत में घसीटने लगा।

बेटी ने दिखाया साहस, गन्ने से किया पलटवार
पिता की चीख-पुकार सुनकर बेटी कैसर जहां घबराई नहीं। उसने पास में पड़ा गन्ना उठाया और पूरी ताकत से गुलदार के मुंह और सिर पर वार करने शुरू कर दिए। कैसर लगातार शोर भी मचाती रही। अचानक हुए इस हमले और शोरगुल से गुलदार डर गया और रफीक अहमद को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।

ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचे घायल पिता
घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंभीर रूप से घायल रफीक अहमद को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उनके पैर में गहरे जख्म हैं, लेकिन फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

गांव में दहशत, वन विभाग अलर्ट
इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की है। चांदपुर रेंज के रेंजर दुष्यंत कुमार ने बताया कि इलाके में पहले भी गुलदार की गतिविधियां देखी गई थीं और पिंजरा लगाया गया था। अब इस घटना के बाद दोबारा पिंजरा लगाया जाएगा। वन विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे अकेले खेतों में न जाएं, खासकर शाम के समय, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

बहादुरी की मिसाल बनी बेटी
कैसर जहां की बहादुरी की पूरे इलाके में सराहना हो रही है। समय रहते उसकी हिम्मत और समझदारी ने ना सिर्फ पिता की जान बचाई, बल्कि एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

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