बड़ा अपडेट: UP पंचायत चुनाव 2027 तक टले! अखिलेश यादव का मास्टरस्ट्रोक, सपा में होने जा रही है इन 2 दिग्गजों की एंट्री

Edited By Anil Kapoor,Updated: 14 Feb, 2026 12:51 PM

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UP Panchayat Elections 2026: उत्तर प्रदेश में साल 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी खबर आ रही है। प्रशासनिक अड़चनों और राजनीतिक समीकरणों के चलते ये चुनाव अगले साल यानी 2027 तक खिंच सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो पंचायत चुनाव...

UP Panchayat Elections 2026: उत्तर प्रदेश में साल 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर बड़ी खबर आ रही है। प्रशासनिक अड़चनों और राजनीतिक समीकरणों के चलते ये चुनाव अगले साल यानी 2027 तक खिंच सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो पंचायत चुनाव और यूपी विधानसभा चुनाव एक साथ संपन्न कराए जा सकते हैं। इस खबर ने उन उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं जो पिछले कई महीनों से गांव-गांव जाकर पसीना बहा रहे थे।

क्यों लगा पंचायत चुनाव पर 'ब्रेक'?
चुनाव टलने के पीछे सबसे बड़ा कारण पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) का पुनर्गठन न होना है। आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में खत्म हो चुका है। नियम के मुताबिक, बिना आयोग की रिपोर्ट के आरक्षण (Reservation) तय नहीं किया जा सकता। सरकार ने अदालत में आयोग गठन का भरोसा तो दिया है, लेकिन सर्वे और आरक्षण लिस्ट तैयार करने में कम से कम 4 से 6 महीने का समय लगेगा। ऐसे में समय सीमा का आगे बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।

राजनीतिक दांव-पेंच: विधानसभा चुनाव पर नजर
जानकारों का मानना है कि यह केवल प्रशासनिक मजबूरी नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंचायत चुनाव कराना सरकार के लिए जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि ग्रामीण स्तर की गुटबाजी का असर बड़े चुनाव के नतीजों पर पड़ सकता है।

अखिलेश का 'साइकिल' मिशन: नसीमुद्दीन सिद्दीकी और फूल बाबू की एंट्री
पंचायत चुनाव की अनिश्चितता के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपना कुनबा बढ़ाना शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव दो बड़े चेहरों को पार्टी में शामिल कर सोशल इंजीनियरिंग की तैयारी में हैं:

नसीमुद्दीन सिद्दीकी
बसपा के पूर्व दिग्गज और कांग्रेस के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब सपा का दामन थाम सकते हैं। बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में उनका अच्छा प्रभाव है। बताया जा रहा है कि सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगते ही वे औपचारिक रूप से साइकिल पर सवार होंगे।

अनीस अहमद उर्फ 'फूल बाबू'
पीलीभीत के कद्दावर नेता और बीसलपुर से कई बार विधायक रहे फूल बाबू भी सपा में आ रहे हैं। तराई क्षेत्र में सपा को मजबूत करने के लिए उन्हें एक बड़ा कार्ड माना जा रहा है। खबर है कि 15 तारीख को ये दोनों नेता अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में सपा की सदस्यता ले सकते हैं।

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