Edited By Anil Kapoor,Updated: 13 Feb, 2026 01:02 PM

Barabanki News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को लेकर पिछले 48 घंटों से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। जिसे लखनऊ पुलिस और परिजन 'लापता' समझकर तलाश रहे थे, उन्हें बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मनोज यादव को उनके...
Barabanki News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को लेकर पिछले 48 घंटों से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। जिसे लखनऊ पुलिस और परिजन 'लापता' समझकर तलाश रहे थे, उन्हें बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मनोज यादव को उनके साथियों के साथ सफदरगंज इलाके से हिरासत में लिया गया।
तिलक समारोह से 'गायब' होने की पूरी कहानी
मनोज यादव मंगलवार को काकोरी में एक तिलक समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से निकलने के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और वे घर नहीं पहुंचे। परेशान परिवार ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस सीसीटीवी और लोकेशन खंगाल रही थी, तभी बाराबंकी पुलिस की इस कार्रवाई ने सबको चौंका दिया।
क्यों हुई गिरफ्तारी? (पुराना केस बना वजह)
बाराबंकी पुलिस के अनुसार, मनोज यादव उर्फ बबलू के खिलाफ सफदरगंज थाने में 11 फरवरी को एक मुकदमा (मु0अ0सं0 50/26) दर्ज हुआ था। उन पर आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया (SC/ST एक्ट)। जान से मारने की धमकी दी। पुलिस इसी मामले में उनकी तलाश कर रही थी और बुधवार को उन्हें सफदरगंज इलाके से दबोच लिया गया।
मेडिकल के बाद लखनऊ रवाना
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। मनोज यादव का बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके तुरंत बाद पुलिस की एक विशेष टीम उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच लखनऊ लेकर रवाना हो गई।
पुलिस सुलझा रही है 'गायब' होने की कड़ियां
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि तिलक समारोह से निकलने और गिरफ्तारी के बीच मनोज यादव कहां थे? बाराबंकी पुलिस अब उन तमाम कड़ियों को जोड़ रही है ताकि यह साफ हो सके कि वे अपनी मर्जी से कहीं गए थे या गिरफ्तारी के डर से छिपे हुए थे।