Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Feb, 2026 02:23 PM

UP Panchayat Chunav Update: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कब होंगे, इसे लेकर लोगों में काफी समय से उत्सुकता बनी हुई है। इस बीच राज्य के पंचायत राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही यूपी में...
UP Panchayat Chunav Update: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कब होंगे, इसे लेकर लोगों में काफी समय से उत्सुकता बनी हुई है। इस बीच राज्य के पंचायत राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही यूपी में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
राजभर के मुताबिक, जैसे ही SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया पूरी होगी, उसके बाद लगातार चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चर्चा है कि पंचायत चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच कराए जा सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग की ओर से ही की जाएगी।
आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को बड़ी राहत
सरकार ने पंचायत चुनाव लड़ने वाले OBC, SC, ST और अन्य आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी है। सामान्य वर्ग की तुलना में इन्हें नामांकन शुल्क और जमानत राशि में 50% की छूट मिलेगी।
आरक्षित वर्ग के लिए तय शुल्क
पद नामांकन शुल्क जमानत राशि
ग्राम पंचायत सदस्य ₹100 ₹400
ग्राम प्रधान ₹300 ₹1500
क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) ₹300 ₹1500
जिला पंचायत सदस्य ₹500 ₹4000
ब्लॉक प्रमुख ₹1000 ₹5000
जिला पंचायत अध्यक्ष ₹1500 ₹12500
सामान्य वर्ग के लिए शुल्क
पद नामांकन शुल्क जमानत राशि
ग्राम पंचायत सदस्य ₹200 ₹800
ग्राम प्रधान / BDC ₹600 ₹3000
जिला पंचायत सदस्य ₹1000 ₹8000
ब्लॉक प्रमुख ₹2000 ₹10000
जिला पंचायत अध्यक्ष ₹3000 ₹25000
क्या होता है नामांकन शुल्क और जमानत राशि?
नामांकन शुल्क:
यह वह फीस है जो उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करते समय देनी होती है। यह राशि वापस नहीं होती।
जमानत राशि:
यह सुरक्षा राशि होती है। यदि उम्मीदवार चुनाव में पर्याप्त वोट (आमतौर पर कुल वैध वोटों का 1/6 हिस्सा) नहीं पा पाता, तो यह राशि जब्त हो जाती है। लेकिन अगर उम्मीदवार तय वोट हासिल कर ले या नामांकन वापस ले ले, तो यह राशि वापस मिल जाती है।
क्या संकेत मिल रहे हैं?
यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। आरक्षण वर्ग को दी गई छूट से बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतर सकते हैं। अब सभी की नजर चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।