भाजपा जवाब दे, किसके दबाव में फिर किसानों पर वार किया: अखिलेश यादव

Edited By Pooja Gill,Updated: 03 Feb, 2026 04:13 PM

bjp should answer under whose pressure did it attack

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए मंगलवार को कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजारों...

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए मंगलवार को कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजारों को खोलना देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ ''विश्वासघात'' है, जो खेती पर निर्भर है। 

'भाजपा सरकार दे जवाब, क्या है दबाव'
अखिलेश यादव ने मंगलवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फिर किया 'किसानों' पर वार, भाजपा सरकार दे जवाब, क्या है दबाव।'' उन्होंने आरोप लगाया, ''भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों व खाद्यान्नों के लिए खोल देना, हमारे देश की खेती-किसानी पर रोज़ी-बसर करने वाली 70 प्रतिशत आबादी के साथ धोखा है।'' सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधते हुए यादव ने दावा किया, ''भाजपाई और उनके संगी-साथी आजादी से पहले भी विदेशियों के एजेंट थे, आज भी हैं। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथी जनता के बीच जाकर बताएं कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ धोखा करने के लिए कितना 'कमीशन' खाया है।'' 

'भाजपा इन कंपनियों से चंदा वसूली भी करेगी'
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आशंका जताते हुए कहा, ''इससे केवल किसान ही नहीं, निम्न मध्यवर्ग और मध्यम वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित होगा क्योंकि इससे खाद्यान्न और कृषि उत्पादों की मुनाफ़ाखोरी व बिचौलियों की एक नयी जमात पैदा हो जाएगी, जिसकी वजह से खाने-पीने की सब चीज़ें और भी महंगी हो जाएंगी। साथ ही भाजपा इन कंपनियों से चंदा वसूली भी करेगी, जिससे खाद्य व कृषि उत्पाद और भी ज़्यादा महंगे हो जाएंगे।'' 

ज़मीनों पर कब्जा करना ही भाजपाईयों का आखिरी मकसद
सपा प्रमुख ने कहा कि इससे धीरे-धीरे हमारे किसानों की खेती बाड़ी और आय कम हो जाएगी और वे मजबूर होकर अपनी ज़मीन अमीरों व कॉरपोरेट को बेचने पर मजबूर हो जाएंगे। ज़मीनों पर कब्जा करना ही भाजपाई और उनके संगी-साथियों का आखिरी मकसद है। प्रस्तावित बीज विधेयक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय खेती के लिए घातक 'सीड बिल' उसी कृषि और किसान विरोधी भाजपा सरकार की दिमागी उपज है जो भू अधिग्रहण और काले-क़ानून लाई थी। जो हर साल खाद की लाइन में लोगों को लगाकर उनको अपमानित करती है। उन्होंने आरोप लगाया, ''ये भाजपाई पहले बीज कंपनियों से कमीशन खाएंगे, फिर…कीटनाशक कंपनियों से, ⁠फिर महा भंडारण के लिए बनने वाले 'साइलो' की कंपनियों से, ⁠फिर फसल बीमा कंपनियों से, ⁠फिर कम कीमत तय करते समय।'' 

'किसान अब भाजपा सरकार की ज्यादतियों को और नहीं सहेगा'
अखिलेश यादव ने कहा कि फिर भाजपाई फसल की खरीद-फरोख्त करने वाले बिचौलियों से कमीशन खाएंगे, भारतीय वातावरण में ऐसे बीज से खेती-किसानी पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। ⁠इसका संगठित रूप से पुरज़ोर विरोध होना चाहिए। पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा, ''एमआरपी और छुट्टा मवेशियों से परेशान किसान अब भाजपा सरकार की ज्यादतियों को और नहीं सहेगा। ये भाजपाई खेती-किसानी को बर्बाद करने के लिए सब कुछ करेंगे क्योंकि ये वो लोग हैं जो ज़मीन के उत्खनन से लेकर खनन व उसकी पैदावार, सब पर गिद्ध निगाह रखते हैं और साल-दर-साल किसी न किसी रूप में किसानों पर वार करते हैं।'' यादव ने कहा, ''भाजपा किसान विरोधी थी, है और रहेगी। भाजपा हटाओ और खेत, किसानी, किसान बचाओ।'' 
 

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